सोमवार और शुक्रवार होगी जनसुनवाई, अफसरों की गैरहाजिरी नहीं चलेगी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई व्यवस्था, हर स्तर पर सुदृढ़ होगा शिकायत निपटारा तंत्र।
सोमवार और शुक्रवार होगी जनसुनवाई, अफसरों की गैरहाजिरी नहीं चलेगी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई व्यवस्था, हर स्तर पर सुदृढ़ होगा शिकायत निपटारा तंत्र।
सोमवार और शुक्रवार होगी जनसुनवाई, अफसरों की गैरहाजिरी नहीं चलेगी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई व्यवस्था, हर स्तर पर सुदृढ़ होगा शिकायत निपटारा तंत्र।
दस्तक 7मीडिया ,पटना/
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए जनसुनवाई की नई एवं सख्त व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत अब हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से जनसुनवाई होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इन दिनों सभी पदाधिकारी और कर्मी अपने-अपने कार्यालयों में मौजूद रहेंगे और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार यह शिकायत सामने आती रही है कि आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन अफसर कार्यालय से गायब रहते हैं। अब ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा, “अब ऐसा नहीं चलेगा। जनता को परेशान करने की किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।”
शिकायत दर्ज करने के लिए होगा रजिस्टर
नई व्यवस्था के तहत हर कार्यालय में शिकायत रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें आम लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस रजिस्टर में दर्ज सभी शिकायतों को मेंटेन किया जाए और उनके निपटारे की नियमित समीक्षा हो, ताकि कोई भी मामला लंबित न रहे।
जनसुविधाओं का भी होगा पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान आम लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि:
• शिकायत लेकर आने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था हो
• पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए
• शौचालय की साफ-सुथरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक लागू होगी व्यवस्था
यह नई जनसुनवाई व्यवस्था केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे पंचायत, अंचल, प्रखंड, थाना, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि इस व्यवस्था को गंभीरता से लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि जनता को न्याय और समाधान के लिए भटकना न पड़े।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस पहल को प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने और जनता का भरोसा मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर इस व्यवस्था को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।