राजगीर में बिहार पुलिस के लिए तीन दिवसीय साइबर क्राइम प्रशिक्षण संपन्न , I4C–गृह मंत्रालय के विशेषज्ञों ने साझा की आधुनिक जांच तकनीक
राजगीर में बिहार पुलिस के लिए तीन दिवसीय साइबर क्राइम प्रशिक्षण संपन्न , I4C–गृह मंत्रालय के विशेषज्ञों ने साझा की आधुनिक जांच तकनीक
राजगीर में बिहार पुलिस के लिए तीन दिवसीय साइबर क्राइम प्रशिक्षण संपन्न , I4C–गृह मंत्रालय के विशेषज्ञों ने साझा की आधुनिक जांच तकनीक
दस्तक 7मीडिया /पटना
राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में दिनांक 05 जनवरी 2026 से 07 जनवरी 2026 तक इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के साथ समन्वय स्थापित कर तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम “Cyber Crime Investigation & Cyber Laws” विषय पर आधारित था, जिसका उद्देश्य बिहार पुलिस को साइबर अपराधों की बदलती प्रवृत्तियों से निपटने के लिए तकनीकी एवं विधिक रूप से सक्षम बनाना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में बिहार के विभिन्न जिलों के साइबर थाना, जिला जांच इकाई (DIU) एवं महिला थाना में पदस्थापित पु०नि०, पु०अ०नि० एवं स०अ०नि० स्तर के कुल 100 पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान I4C एवं अन्य विशेषज्ञों द्वारा साइबर अपराधों की जांच से जुड़े अत्याधुनिक टूल्स एवं पोर्टल्स की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को NCRP Portal, SAMANVAYA Portal एवं SAHYOG Portal के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ Malware Threat Analysis, Cryptocurrency Investigation, SIM बॉक्स जांच, OSINT Tools तथा विभिन्न प्रकार के Cyber Fraud के Modus Operandi पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त Transnational Cyber Crime (KK Park) से जुड़े मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से संगठित और सीमा पार स्वरूप ले रहे हैं, ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट समझ अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें वास्तविक मामलों से जुड़े अनुभव साझा किए गए।
बिहार पुलिस अकादमी द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण को पुलिस पदाधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया गया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से साइबर अपराधों की त्वरित, सटीक और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सकेगी तथा आम जनता को डिजिटल अपराधों से बेहतर सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी।