पुलिस अभिरक्षा से लाइसेंसी पिस्टल गायब, कटिहार में मचा हड़कंप,थानेदार की बढ़ेगी मुश्किलें ,कैसे गायब हो गया सरकारी पिस्टल ?
पुलिस अभिरक्षा से लाइसेंसी पिस्टल गायब, कटिहार में मचा हड़कंप,थानेदार की बढ़ेगी मुश्किलें ,कैसे गायब हो गया सरकारी पिस्टल ?
पुलिस अभिरक्षा से लाइसेंसी पिस्टल गायब, कटिहार में मचा हड़कंप,थानेदार की बढ़ेगी मुश्किलें ,कैसे गायब हो गया सरकारी पिस्टल ?
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार और पुलिस मुख्यालय के दावों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कटिहार जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस अभिरक्षा में जमा एक लाइसेंसी पिस्टल रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने बताया कि किशनगंज जिले में पदस्थापित एक सरकारी कर्मी ने विधानसभा चुनाव से पहले आचार संहिता के तहत नियमानुसार अपना लाइसेंसी पिस्टल कटिहार सहायक थाना में जमा कराया था। चुनाव समाप्त होने के बाद जब कर्मी हथियार लेने थाना पहुंचा, तो जांच के दौरान पता चला कि पिस्टल थाना से गायब है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार सहायक थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने गायब हथियार की तलाश शुरू कर दी है। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने को लेकर थानाध्यक्ष समेत हथियार अभिरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पिस्टल की बरामदगी कर ली जाएगी। हालांकि, पुलिस अभिरक्षा में जमा हथियार का गायब होना सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मुजफ्फरपुर में भी थाना परिसर से तस्करी के सामान से लदे दो ट्रकों की चोरी की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से आम लोगों में यह चर्चा तेज हो गई है कि जब पुलिस थाना ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
फिलहाल कटिहार पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन यह मामला बिहार पुलिस के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करता दिख रहा है।