आयुष्मान योजना में 19 नए निजी अस्पताल शामिल, अब जिले में 57 अस्पताल सूचीबद्ध,

डीएम की अध्यक्षता में डीईसी की बैठक, जनवरी में 50 हजार आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा 

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित डिस्ट्रिक्ट एम्पानलमेंट कमिटी (डीईसी) की बैठक में 19 नए निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ने की स्वीकृति दी गई।

नव सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रथमा हॉस्पिटल, वेदांत हॉस्पिटल, शिवांश मैटरनिटी सेंटर, ईआरए लाइफ केयर, श्री राम जानकी आरोग्य निकेतन, डॉ. विवेकानंद पॉल क्लिनिक, गोदावरी जीवछ मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, एलिट हॉस्पिटल, पन्ना यूरो स्टोन एंड ईएनटी हॉस्पिटल, विजन आई हॉस्पिटल, बाबा कुशेश्वरनाथ स्वास्थ्य सेवा सदन, आदिती नर्सिंग होम एंड हॉस्पिटल, लक्ष्मी मेडिकेयर, ग्लोबल हेल्थ केयर एंड डायबिटीज रिसर्च सेंटर, मैं हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, यूएन हॉस्पिटल, सिंह सर्जिकल एंड लेप्रोस्कॉपी सेंटर, डीसीएच इंडिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं फरीदिया हॉस्पिटल शामिल हैं।

इसके साथ ही जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है। इससे आयुष्मान कार्डधारकों को इलाज के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत मिलेगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार एवं आयुष्मान भारत योजना के आईटी प्रबंधक प्रभाकर रंजन को निर्देश दिया कि प्रतिदिन 2,000 से 2,500 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाए जाएं। साथ ही जनवरी माह के अंत तक 50 हजार आयुष्मान कार्ड निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

बताया गया कि आयुष्मान कार्ड बनने के बाद लाभुकों को पांच लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिलाधिकारी के मार्गदर्शन और सतत निगरानी में बीते छह महीनों में जिले में छह लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे लाखों लोगों को योजना का सीधा लाभ मिला है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्ड निर्माण एवं अस्पतालों के एम्पानलमेंट की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, आईटी प्रबंधक प्रभाकर रंजन, डॉ. रवि कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।