बीएसएससी अध्यक्ष आलोक राज ने ज्वाइनिंग के छठे दिन दिया इस्तीफा, सिस्टम से ‘सेट’ नहीं हो पाने और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर रही चर्चाएं तेज।
बीएसएससी अध्यक्ष आलोक राज ने ज्वाइनिंग के छठे दिन दिया इस्तीफा, सिस्टम से ‘सेट’ नहीं हो पाने और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर रही चर्चाएं तेज।
बीएसएससी अध्यक्ष आलोक राज ने ज्वाइनिंग के छठे दिन दिया इस्तीफा,
सिस्टम से ‘सेट’ नहीं हो पाने और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर रही चर्चाएं तेज।
दस्तक 7मीडिया /पटना
बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के अध्यक्ष आलोक राज ने पदभार ग्रहण करने के महज छह दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 1 जनवरी 2026 को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी और 6 जनवरी को इस्तीफा सौंप दिया। उनके अचानक लिए गए इस फैसले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
इस्तीफे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि आलोक राज मौजूदा सिस्टम में खुद को ‘सेट’ नहीं कर पा रहे थे और उनकी पसंद के अनुरूप काम नहीं हो रहा था। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इतने कम समय में उनके नाम का आदेश कैसे जारी हुआ और फिर इतनी जल्दी इस्तीफा क्यों देना पड़ा।
आयोग के हालिया कार्यों से भी इस इस्तीफे को जोड़कर देखा जा रहा है। बीएसएससी को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में आयोग की एक परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट होने से संस्था की छवि को गहरा झटका लगा था। नौकरी दिलाने वाली इस संस्था की कार्यप्रणाली पर लगातार उंगलियां उठती रही हैं।
1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज इससे पहले करीब 103 दिनों तक डीजीपी रहे थे। अगस्त 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के कारण उन्हें एक्टिंग डीजीपी बनाया गया था। 18 दिसंबर 2024 को बिहार राज्य पुलिस भवन निर्माण निगम के चेयरमैन-सह-एमडी बनाए जाने के बाद उन्हें बीएसएससी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी।
हालांकि, अपने इस्तीफे को लेकर आलोक राज ने किसी भी तरह की चर्चाओं से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफा निजी कारणों से दिया गया है और इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। बावजूद इसके, इतने कम समय में पद छोड़ने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।