रैयाम चीनी मिल के पुनरुद्धार के फैसले का केवटी विधायक ने किया स्वागत,राज्य सरकार का फैसला सराहनीय।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा 

केवटी विधायक डॉ० मुरारी मोहन झा ने वर्षों से बंद पड़ी रैयाम चीनी मिल को बिहार सरकार द्वारा पुनः चालू करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे केवटी ही नहीं, बल्कि पूरे मिथिलांचल के लिए रोजगार और आर्थिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

विधायक ने कहा कि वर्ष 1914 में स्थापित रैयाम चीनी मिल के पुनः संचालन से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और यह गन्ना किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ० प्रमोद चंद्रवंशी को बधाई दी।

डॉ० झा ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस मिल के पुनर्जीवन के लिए प्रयासरत थे। इस मुद्दे को उन्होंने कई बार विधानसभा के पटल पर प्रश्नों के माध्यम से उठाया, साथ ही मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री को पत्राचार के जरिए भी अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि अब विभाग द्वारा मिल के पुनरुद्धार की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है, जिसे शीघ्र ही कैबिनेट की स्वीकृति दिलाई जाएगी।

विधायक ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद रैयाम चीनी मिल का संचालन सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बनी रहेगी। इससे मिथिलांचल के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार की पहली ही कैबिनेट में इस प्रकार का निर्णय यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।