मधुबनी में पुलिस प्रशासन का बड़ा खाका तैयार, नये अंचलों के गठन का प्रस्ताव ,चार थाने पर बन सकता हे एक अंचल ,सरकार का निर्णय अंतिम।
मधुबनी में पुलिस प्रशासन का बड़ा खाका तैयार, नये अंचलों के गठन का प्रस्ताव ,चार थाने पर बन सकता हे एक अंचल ,सरकार का निर्णय अंतिम।
मधुबनी में पुलिस प्रशासन का बड़ा खाका तैयार, नये अंचलों के गठन का प्रस्ताव ,चार थाने पर बन सकता हे एक अंचल ,सरकार का अंतिम निर्णय बांकी।
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बिहार के कई जिले में पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ व जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से नये पुलिस अंचलों के गठन का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव में अपराध के बढ़ते ग्राफ, लंबित कांडों की संख्या, भौगोलिक विस्तार और आबादी के दबाव को आधार बनाया गया है। इसमें दरभंगा मधुबनी समेत कई ज़िले हे जिन ज़िलो के एसपी से आबादी के अनुसार मुख्यालय ने खाका मांगा हे और इसपर मुहर लगना बाँकी हे/दस्तावेज के अनुसार जिले में प्रस्तावित नये अंचलों के तहत थाना क्षेत्रों का पुनर्गठन कर प्रशासनिक नियंत्रण को प्रभावी बनाने की योजना है।ऐसा प्रतीत होता हे कि चार पाँच थानों पर एक अंचल बनाने की योजना सरकार की हे ।
मधुबनी ज़िला के प्रस्ताव के मुताबिक सदर अनुमंडल अंतर्गत नगर मुख्यालय को केंद्र में रखते हुए रहिका, पंडौल और सकरी थाना क्षेत्रों को जोड़कर नया अंचल गठित करने की योजना है। इस अंचल में प्रतिमाह औसतन 117 कांड दर्ज होते हैं, जबकि वार्षिक आंकड़ा 1400 से अधिक है। लंबित मामलों की संख्या भी 1300 के पार पहुंच चुकी है।
खजौली अंचल में खजौली और बाबूबरही थाना क्षेत्रों को शामिल करते हुए नया ढांचा प्रस्तावित है। यहां मासिक औसत 70 कांड और लंबित मामलों की संख्या एक हजार से अधिक बताई गई है। वहीं राजनगर मुख्यालय के अंतर्गत कलुआही और राजनगर थाना क्षेत्रों को जोड़ने का प्रस्ताव है।
बेनीपट्टी क्षेत्र में बेनीपट्टी, अरेर, बिस्फी, पतौना और औंसी को मिलाकर नया अंचल बनाए जाने की योजना है। इस क्षेत्र में कुल चार थाने होंगे और वार्षिक औसत कांडों की संख्या 700 से अधिक आंकी गई है।
हरलाखी, मधवापुर, सहारघाट और खिरहर को मिलाकर भी नया अंचल प्रस्तावित है। यहां अपराध के आंकड़े लगातार बढ़ते दिख रहे हैं और लंबित मामलों की संख्या 1000 से ऊपर है। जयनगर अनुमंडल में लदनियां, बासोपट्टी और देवधा को शामिल कर अलग अंचल गठन की बात कही गई है।
झंझारपुर क्षेत्र में झंझारपुर, अररिया संग्राम, रुद्रपुर और अंधराठाढ़ी को लेकर भी नये अंचलों का खाका तैयार किया गया है। मधेपुर, भेजा, लखनौर और आरएस थाना क्षेत्रों को मिलाकर एक और नया अंचल प्रस्तावित है।
फुलपरास अनुमंडल में फुलपरास, घोघरडीहा, नरहिया, खुटौना, लौकहा और ललमनियां थाना क्षेत्रों को पुनर्गठित कर अलग-अलग अंचलों के गठन की योजना है। इसके अलावा महिला थाना, साइबर थाना, यातायात थाना और अनुसूचित जाति-जनजाति थाना के मामलों को भी कुल आंकड़ों में शामिल किया गया है।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित योजना के अनुसार जिले में प्रतिमाह औसतन 842 कांड दर्ज हो रहे हैं, जबकि वार्षिक आंकड़ा 10 हजार से अधिक है। लंबित मामलों की संख्या भी 10 हजार के पार पहुंच चुकी है।
प्रशासनिक टिप्पणी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भौगोलिक दृष्टिकोण से कुछ अंचलों के नाम में संबंधित थाना क्षेत्रों को जोड़ना अधिक उपयुक्त होगा, ताकि पुलिसिंग और अधिक प्रभावी बन सके।iइसी तरह प्रत्येक जिला का प्रस्ताव हे।
अब इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय सरकार और पुलिस मुख्यालय स्तर पर लिया जाना है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो मधुबनी जिले की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।