राज्य सूचना आयोग ने जारी किया आदेश, सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले गौड़ाबौराम के बीडीओ और पंचायत सचिव पर लगाया अर्थदंड।
राज्य सूचना आयोग ने जारी किया आदेश, सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले गौड़ाबौराम के बीडीओ और पंचायत सचिव पर लगाया अर्थदंड।
राज्य सूचना आयोग ने जारी किया आदेश, सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले गौड़ाबौराम के बीडीओ और पंचायत सचिव पर लगाया अर्थदंड।
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
पटना/ राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के प्रति संवेदनहीनता बरतने पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने प्रखंड विकास पदाधिकारी -सह-लोक सूचना पदाधिकारी गौड़ा बौराम तथा लोक सूचना पदाधिकारी सह पंचायत सचिव ग्राम पंचायत आसी थाना घनश्यामपुर,प्रखंड गौड़ाबौराम (दरभंगा) पर 5000–5000 हजार रुपये का अलग-अलग अर्थदंड अधिरोपित किया है।
यह आदेश वाद संख्या-ए-8293/22 , तथा वाद संख्या ए-8298/22 में श्री राज कुमार झा (दरभंगा) द्वारा दायर अपील पर सुनाया गया है।
आयोग ने पाया कि लोक सूचना पदाधिकारी न तो सुनवाई में उपस्थित हुए और न ही उन्होंने मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई, जबकि पिछली तिथि को उन्हें चेतावनी दी गई थी।
राज्य सूचना आयुक्त ब्रजेश मेहरोत्रा ने जिला पदाधिकारी और जिला कोषागार पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि अधिकारी के अगले वेतन की निकासी से पहले सरकारी खजाने में जमा कराई जाए।
आयोग ने अधिकारी को सख्त चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई से पहले अपीलार्थी को सूचना उपलब्ध कराएं, अन्यथा और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सूचना आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे निर्धारित की गई है।
श्री राजकुमार झा ने बताया कि दिनांक 02 दिसंबर 2020 को तकनिकी सहायक-सुजित कुमार यादव के द्वारा गौड़ा बौराम के विभिन्न योजनाओं कि मापी पुस्तिका एवं उसके द्वारा किए गए निरीक्षण से संबंधित दस्तावेज की अभिप्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा सत्र 2016-2017 से सत्र 2019-2020 तक गौड़ा बौराम प्रखंड अंतर्गत आसी पंचायत द्वारा चौदहवीं वित्त आयोग, पंद्रहवीं वित्त आयोग एवं सात निश्चय विकास से संबंधित अन्य सभी योजनाओं की प्राकृत राशि एवं खर्च की स्पष्ट विवरणी का अभिप्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है। जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।