डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर 3 करोड़ की ठगी: पटना की रिटायर्ड प्रोफेसर बनी साइबर गिरोह का शिकार, एक आरोपी गिरफ्तार

दस्तक 7मीडिया /पटना 

सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए ,क्योंकि एक अनजान लिंक आपकी जिंदगी भर की कमाई छीन सकता है। साइबर अपराधियों का जाल अब इतना शातिर हो चुका है कि पढ़े-लिखे और जागरूक लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। इसका ताज़ा और चौंकाने वाला उदाहरण बिहार की राजधानी पटना से सामने आया है।

पटना के कदम कुआं थाना क्षेत्र में रहने वाली एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर से साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। यह मामला न सिर्फ रकम के लिहाज़ से बड़ा है, बल्कि ठगों के संगठित और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है।

जांच में सामने आया है कि ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को मानसिक दबाव में रखा और गिरफ्तारी की धमकी देकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए। लगातार निगरानी और डर के माहौल में रखकर इस ठगी को अंजाम दिया गया।

इस सनसनीखेज साइबर फ्रॉड मामले में अब एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य शुभम राय को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।

सावधानी 

 किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
फोन पर खुद को CBI, पुलिस या कोर्ट अधिकारी बताने वालों से सतर्क रहें
‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती
संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत पुलिस और साइबर सेल में शिकायत करें

यह मामला एक कड़ी चेतावनी है “एक पल की चूक, करोड़ों की कीमत बन सकती है”