बेटे की मौत का न्याय माँगते-माँगते टूट गई माँ की साँसे,

10 वर्षीय कश्यप की हुई थी माउंट समर स्कूल में  रहस्यमयी मौत,……. और अंततः माँ ने ज़हर खाकर कर ली जीवनलीला समाप्त

दस्तक 7 मीडिया | दरभंगा

दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड स्थित माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल में 10 वर्षीय छात्र कश्यप की संदिग्ध मौत का मामला अब एक और दर्दनाक मोड़ पर पहुँच गया है। बेटे की मौत के बाद न्याय के लिए दर-दर भटकती रही माँ मनीषा ने आखिरकार ज़हर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

बताया जाता है कि कश्यप की मौत के बाद उसकी माँ ने थानाध्यक्ष से लेकर डीआईजी तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हर दरवाज़े से उसे सिर्फ़ निराशा ही मिली। चिकित्सकीय रिपोर्ट में महज़ “हैंगिंग” लिखकर पूरे मामले पर पर्दा डाल दिया गया। न तो परिस्थितियों की गहन जांच हुई और न ही परिजनों के सवालों का जवाब मिला।

माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल में 10 वर्षीय कश्यप की मौत आत्महत्या या हत्या?

कुछ माह पुर्व माउंट समर स्कूल परिसर में कश्यप की मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। स्कूल प्रबंधन का दावा था कि छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे सिरे से खारिज करते हुए हत्या का आरोप लगाया।

परिजनों का कहना था कि कश्यप पढ़ाई में अच्छा था और किसी भी तरह के मानसिक तनाव में नहीं था। ऐसे में आत्महत्या की थ्योरी पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहें थे और उसकी मां ने ही उसे स्कूल पहुंचाया था। परिजनों के बयान के आधार पर बहादुरपुर थाना में प्राथमिकी तो दर्ज हुई, लेकिन जांच की रफ्तार और दिशा पर लगातार सवाल उठते रहे।

कहाँ है सीसीटीवी फुटेज?

मामले को और संदेहास्पद बनाता है स्कूल का रवैया। घटना के इतने दिन बाद भी पुलिस को स्कूल परिसर का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराया गया। सूत्रों की मानें तो स्कूल प्रशासन “कैमरे खराब थे” कहकर पल्ला झाड़ दिया था ?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज सामने आ जाता तो यह स्पष्ट हो जाता कि कश्यप ने आत्महत्या की या फिर उसे मौत के घाट उतारा गया।

पूर्व छात्रों के गंभीर आरोप “स्कूल में बच्चों पर होता है अत्याचार”

माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल के कई पूर्व छात्र अब खुलकर सामने आए थे । उनका आरोप था  कि स्कूल में बच्चों के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना आम बात है। मामूली गलती पर बच्चों को बुरी तरह पीटा जाता है, जिससे वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं।

मानकों पर खड़ा उतरता है या नहीं स्कूल?

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि क्या माउंट समर कॉन्वेंट स्कूल शिक्षा विभाग के तय मानकों पर खरा उतरता है? यदि नहीं, तो फिर किसके संरक्षण में वर्षों से इसका संचालन हो रहा है? आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की “ऊँची पहुँच” और मजबूत पैरवी के कारण न तो जिला प्रशासन ने और न ही पुलिस ने स्कूल की कार्यप्रणाली की गंभीरता से  जांच की।अगर जांच होती तो स्कूल पर हमेशा ताला लगा रहता ,इसमें जिला प्रशासन की घोर लापरवाही दिखाई पड़ रही हें ,आखिर इसकी वजह क्या हें ,अब स्थानीय लोग यह सवाल पूछ रहें हें ?

जांच जारी, लेकिन न्याय अब भी दूर

पुलिस का कहना है कि एफआईआर के बाद जांच जारी है। लेकिन जिस माँ ने बेटे की मौत का सच जानने के लिए अपनी आखिरी सांस तक संघर्ष किया, उसे इंसाफ नहीं मिला।

10 वर्षीय मासूम कश्यप की मौत ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही, प्रशासनिक संवेदनहीनता और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।