बिहार में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति: “प्रोहिबिशन एवं नारकोटिक्स पदार्थ” पर राज्यस्तरीय कार्यशाला, डीजीपी विनय कुमार रहे मुख्य अतिथि
बिहार में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति: “प्रोहिबिशन एवं नारकोटिक्स पदार्थ” पर राज्यस्तरीय कार्यशाला, डीजीपी विनय कुमार रहे मुख्य अतिथि
बिहार में नशे के खिलाफ सख्त रणनीति: “प्रोहिबिशन एवं नारकोटिक्स पदार्थ” पर राज्यस्तरीय कार्यशाला, डीजीपी विनय कुमार रहे मुख्य अतिथि
दस्तक 7मीडिया /पटना
मद्यनिषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, बिहार तथा उत्पाद विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 29 दिसंबर 2025 को “प्रोहिबिशन एवं नारकोटिक्स पदार्थ” विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं कानूनी रूप से मजबूत बनाना रहा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर पुलिस महानिदेशक विनय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर निर्णायक प्रहार के लिए जांच प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता, कानूनी समझ और आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने NDPS अधिनियम के तहत मामलों में गुणवत्ता पूर्ण अनुसंधान पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में सचिव, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार श्री अजय यादव सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यशाला की महत्ता और बढ़ गई।
कार्यशाला के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), विशेष कार्य बल, बिहार (STF), मद्यनिषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो तथा उत्पाद विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों ने NDPS अधिनियम, 1985 के तहत जांच प्रक्रिया, साक्ष्य एवं दस्तावेजीकरण, तलाशी, जब्ती एवं गिरफ्तारी, मादक एवं मनःप्रभावी पदार्थों के सैंपलिंग, प्रमाणीकरण तथा निस्तारण जैसे अहम विषयों पर जिला स्तर से आए पुलिस एवं उत्पाद अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानूनी जटिलताओं को सरल रूप में समझाया गया।
कार्यशाला को नशामुक्त बिहार के संकल्प को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।