अलाव की गर्मी, ज़िंदगी पर भारी , एक छोटी लापरवाही और बुझ गईं चार जिंदगियाँ

दस्तक 7मीडिया /छपरा 

कपकपाती ठंड में राहत पाने के लिए जलाया गया अलाव और अंगीठी कई बार जीवन के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ठंड से बचने की जल्दबाजी और थोड़ी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी में बदल जाए, इसका ताज़ा उदाहरण छपरा से सामने आया है।

छपरा जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबिका कॉलोनी, भरत चौक के पास एक हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अत्यधिक ठंड के कारण एक ही परिवार के सात लोग एक कमरे में सो रहे थे। ठंड से बचाव के लिए कमरे के भीतर अंगीठी जलाकर छोड़ दी गई। देर रात जब सभी गहरी नींद में थे, तभी आग भड़क उठी।

इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। एक पल की असावधानी ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।

यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए एक कड़ी चेतावनी है।
ठंड से बचाव ज़रूरी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज़्यादा जरूरी है।

अलाव और अंगीठी जलाते समय रखें ये सावधानियां

कभी भी बंद कमरे में अंगीठी या अलाव जलाकर न सोएं,ज्वलनशील पदार्थों से दूर, खुले और सुरक्षित स्थान पर ही अलाव जलाएं,सोने से पहले आग पूरी तरह बुझा दें,बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान रखें, थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियों को बचा सकती है

इस दर्दनाक हादसे से सबक लेकर यदि एक भी परिवार सतर्क हो जाए, तो शायद किसी और घर में अंधेरा छाने से बच सके। ठंड से लड़ना जरूरी है, लेकिन ज़िंदगी की कीमत पर नहीं।