जहर देकर विवाहिता की हत्या का आरोप, 10 दिन के इलाज के बाद अनोखा देवी की मौत, पति व सौतन फरार, मायके वालों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
जहर देकर विवाहिता की हत्या का आरोप, 10 दिन के इलाज के बाद अनोखा देवी की मौत, पति व सौतन फरार, मायके वालों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
जहर देकर विवाहिता की हत्या का आरोप, 10 दिन के इलाज के बाद अनोखा देवी की मौत, पति व सौतन फरार, मायके वालों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
दरभंगा के शेरनी बेटी समाजसेवी बेटी ने आज जो कर दिखाया ,वह बहुत ही हिम्मत की बात हें ,उसने जिस घर में डोली आयी उसी घर के सामने उस बहु के मृत शरीर को अंतिम दाह संस्कार का फैसला लिया और वह कड़ाके की ठंड में मधुबनी जिला के भेजा गांव अंतर्गत देवथा गांव गई ,और मृतका का दाह संस्कार कराया।
जानकारी के अनुसार घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के देवता गांव निवासी अनोखा देवी की लगभग 10 दिनों तक इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके उपरांत शव को अंतिम संस्कार के लिए मायके देवथा गांव लाया गया।यहाँ से आज शव को मृतिका के ससुराल करीब 35 किलोमीटर दूर भेलाही गाँव ले जाया गया।जहाँ अंतिम संस्कार किया गया।इस घटना को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, अनोखा देवी की शादी करीब चार वर्ष पूर्व मधुबनी जिला के भेजा थाना क्षेत्र के भेलाही गांव निवासी घूरन यादव से हुई थी। शादी में लगभग पांच लाख रुपये नकद एवं एक मनपसंद मोटरसाइकिल दिए जाने का आरोप लगाया गया है।आरोप है कि विवाह के सात महीने बाद, जब अनोखा गर्भवती थी, उसी दौरान उसका पति उसकी चचेरी बहन रुक्मणी को लेकर दिल्ली भाग गया और उससे दूसरी शादी कर ली। यह बात करीब तीन वर्षों तक छुपाई गई, बाद में परिजनों को इसकी जानकारी हुई।
बताया गया कि दो माह पूर्व भैसुर,परिजनों और रिश्तेदारों के दबाव में अनोखा देवी को पुनः ससुराल भेजा गया था। आरोप है कि वहीं पर उसके पति घूरन यादव एवं उसकी दूसरी पत्नी रुक्मणी ने दूध में जहर मिलाकर अनोखा देवी को पिला दिया। हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां करीब 10 दिनों के संघर्ष के बाद उसकी मौत हो गई।
मृतका की बहन सुमित्रा ने आरोप लगाया कि अनोखा देवी को जबरन जहर पिलाया गया और तड़पने के बावजूद उसे उचित इलाज नहीं दिया गया। वहीं परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से आरोपी पति, सौतन एवं ससुराल पक्ष के अन्य लोग घर में ताला बंद कर फरार हैं।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका झा ने एक पहल करते हुए कहा कि “जिस आंगन में डोली आयी थी, वहीं से अर्थी उठेगी।” उनके सहयोग से मृतका का अंतिम संस्कार ससुराल गांव में ही किया गया। मृतका के तीन वर्षीय पुत्र विभीषण ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरे गांव का माहौल गमगीन रहा।
मृतका की परिजन गायत्री ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
प्रियंका झा ने कहा कि अनोखा देवी के पिता ने अपनी बेटी की शादी में लाखों रुपये खर्च कर दहेज देकर उसे सम्मान के साथ ससुराल भेजा था। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि जिस बेटी को इतने अरमानों के साथ विदा किया गया, उसकी इतनी जल्दी अर्थी उठेगी।
उन्होंने कहा “जहां चार साल पहले अनोखा की डोली आई थी, आज उसी आंगन से उसकी अर्थी उठेगी। यही हमारी परंपरा है और यही न्याय का रास्ता भी।”
प्रियंका झा ने बताया कि वे स्वयं दरभंगा के घनश्यामपुर से अनोखा देवी का शव लेकर उसके ससुराल भेलाही गांव पहुंची हैं और यहीं अंतिम संस्कार कराया जाएगा। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि इस पूरे संस्कार का खर्च समाज की ओर से वह स्वयं उठाएंगी।
उन्होंने समाज में प्रचलित उस परंपरा पर सवाल उठाया, जिसमें हत्या के बाद मायके में अंतिम संस्कार कर दिया जाता है।
“अब अगर किसी बहू की हत्या ससुराल वालों द्वारा की जाती है और वे भाग जाते हैं, तो भी हम उस बहू का अंतिम संस्कार उसके ससुराल में ही कराएंगे। यह प्रण प्रियंका झा ने सार्वजनिक रूप से लिया।
अनोखा देवी के 3 वर्षीय बेटे का जिक्र करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा कि उस मासूम को यह तक नहीं पता कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
“आज उसी छोटे बच्चे के हाथ से मुखाग्नि दिलवाई गई, जिसके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।”
प्रियंका झा ने समाज से अपील करते हुए कहा कि अनोखा देवी के परिवार के साथ खड़े होकर आवाज को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और बहू-बेटी के साथ ऐसी घटना न हो।
उन्होंने शासन-प्रशासन और सरकार से मांग की कि इस मामले में अनोखा देवी के पति घूरन यादव और उसकी दूसरी पत्नी रुक्मणी देवी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
प्रियंका झा का आरोप है कि रुक्मणी देवी अनोखा की चचेरी बहन है, जिसने घूरन यादव से भागकर शादी की थी और दोनों ने मिलकर अनोखा देवी की हत्या की।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“जब तक अनोखा को न्याय नहीं मिलेगा, उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।”
फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आवेदन प्राप्त होते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की