स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की मासिक विस्तृत समीक्षा,जिलाधिकारी ने दिये कई निर्देश।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी आदि स्वास्थ्य सुविधाएं आवश्यकता अनुसार सभी मरीजों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य प्रभारियों एवं स्वास्थ्य प्रबंधकों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर रोगियों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।

उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य इंडिकेटरों में आवश्यक सुधार लाएं तथा सभी कार्यों की प्रगति समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें।

आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने अगले सात दिनों में 60 हजार आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने बताया कि उनके निर्देशों के आलोक में पिछले कुछ महीनों में 6 लाख आयुष्मान कार्ड बनाकर पात्र लाभुकों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि पीडीएस डीलरवार डेटा तैयार कर अधिक से अधिक पात्र लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएं तथा कार्यशैली में अपेक्षित सुधार लाया जाए।
उन्होंने सभी चिकित्सकों को ओपीडी में अधिक से अधिक मरीजों को देखने तथा संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ओपीडी में डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर चिकित्सा सेवा प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ईसीजी मशीन, अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मशीनें पूर्णतः कार्यरत रहें ताकि मरीजों को इनका पूरा लाभ मिल सके।

सभी गर्भवती महिलाओं को आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से चिन्हित कर नियमित एवं मासिक एएनसी जांच सुनिश्चित कराने तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को मनीगाछी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का गहन निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी चिकित्सकों को समय पर ओपीडी प्रारंभ करने, कार्यशैली में सुधार लाने तथा आशा एवं एएनएम के कार्यों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी स्वास्थ्य इंडिकेटरों में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए। साथ ही रेफर किए गए सभी मरीजों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर से नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क श्री सत्येंद्र प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी श्री अमरेंद्र कुमार मिश्रा, जिला स्वास्थ्य प्रबंधक श्री प्रभात कुमार राजू सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरीय एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।