बिरौल कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश का बड़ा फैसला: हत्या मामले में तीन दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास।

दस्तक 7मीडिया ,बेनीपुर /विधि संवाददाता 

कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के चर्चित हत्या कांड में बिरौल के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश शिव कुमार की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने बिनोद मुखिया हत्याकांड में तीन अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई, जबकि साक्ष्य के अभाव में तीन अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया।

यह मामला कुशेश्वरस्थान थाना कांड संख्या 416/2022, दिनांक 8 दिसंबर 2022 से संबंधित है, जो झाझा निवासी बिनोद मुखिया की पत्नी रुणा देवी के फर्दबयान के आधार पर दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 302/120(B)/34 एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत कुल 14 अभियुक्तों को नामजद किया गया था।

अनुसंधान के बाद पुलिस ने कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के सिमरटोका निवासी मनोज राय, त्रिवेणी महतो, सियाराम यादव, मनोज पासवान, रामबिलास महतो एवं अजय यादव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों का साक्ष्य प्रस्तुत किया गया, जिनमें ब्रह्मदेव मुखिया, प्रहलाद कुमार, गोविंद मुखिया, वादी रुणा देवी, अनुसंधानकर्ता अमित कुमार एवं चिकित्सक डॉ. पी.के. दास शामिल थे।

वादी रुणा देवी ने अपने फर्दबयान में बताया कि 7 दिसंबर 2022 को दोपहर करीब 3 बजे अभियुक्तों ने उनके पति बिनोद मुखिया को मकई के खेत में घेर लिया। जान बचाने के लिए बिनोद मुखिया भागकर गणेश यादव के घर में छिप गया, लेकिन अभियुक्तों ने पीछा करते हुए फायरिंग की और घर से खींचकर बाहर निकालते हुए गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

उभय पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने त्रिवेणी महतो , रामबिलास महतो दोनों पुत्र कमल महतो  एवं मनोज पासवान (पुत्र प्रभात पासवान) को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को ₹25,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इसके अलावा, 27 आर्म्स एक्ट के तहत तीनों दोषियों को 3 वर्ष का कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड की सजा दी गई है। अर्थदंड नहीं देने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी, तथा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।

वहीं, अदालत ने मनोज राय उर्फ डब्लू, सियाराम यादव एवं अजय यादव के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए जाने पर उन्हें दोषमुक्त कर रिहा करने का आदेश दिया।

इस संबंध में सभी जानकारी अपर लोक अभियोजक बच्चा राय ने दी। उन्होंने बताया कि सभी छह अभियुक्त 15 दिसंबर 2022 से विभिन्न तिथियों से न्यायिक हिरासत में थे।