न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शैल कुमारी की अदालत में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता का 183 BNNS के तहत काफी जद्दोजहद के बाद बयान दर्ज ,प्राथमिकी के पांचवें दिन नाबालिग का हुआ मेडिकल और बयान ?
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शैल कुमारी की अदालत में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता का 183 BNNS के तहत काफी जद्दोजहद के बाद बयान दर्ज ,प्राथमिकी के पांचवें दिन नाबालिग का हुआ मेडिकल और बयान ?
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शैल कुमारी की अदालत में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता का 183 BNNS के तहत काफी जद्दोजहद के बाद बयान दर्ज ,प्राथमिकी के पांचवें दिन नाबालिग का हुआ मेडिकल और बयान ?
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आखिरकार कई दिन बीत जाने के बाद महिला थाना पुलिस द्वारा पीड़िता का मेडिकल कराया गया और न्यायालय में बयान दर्ज हुआ।न्यायालय में बयान के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा हें कि दरभंगा के कथावाचक और चर्चित मौनी बाबा पर कारवाई की तलवार लटक सकती हें। यही नहीं इस मामले में पंचायत करने वाले कई और लोंग भी अप्राथमिकी अभियुक्त हो सकते हें ,यही नहीं पुलिस अनुसंधान में वैसे लोग भी इस मामले में आरोपी हो सकते हें जिन्होंने नाबालिग का फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
दरभंगा में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आखिरकार लंबी जद्दोजेहाद के बाद महिला थाना पुलिस ने पीड़िता का बयान 183 BNSS के तहत न्यायालय में दर्ज कराया। पीड़िता का बयान न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शैल कुमारी के समक्ष दर्ज किया गया।
इस मामले में महिला थाना पुलिस की कार्यशैली पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराए जाने और उसके पश्चात न्यायालय में बयान दर्ज होने से पुलिस की तत्परता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
न्यायालय में दर्ज बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, इस केस में दरभंगा के चर्चित कथावाचक एवं मौनी बाबा पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। पुलिस अनुसंधान में यह तथ्य भी सामने आ रहे हैं कि मामले को दबाने के उद्देश्य से पंचायत कराई गई थी। ऐसे में पंचायत में शामिल रहे कई लोग अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में चिन्हित किए जा सकते हैं।
इतना ही नहीं, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नाबालिग पीड़िता का फोटो सोशल मीडिया पर किन लोगों द्वारा प्रसारित किया गया। कानून के तहत नाबालिग की पहचान उजागर करना गंभीर अपराध है, इसलिए ऐसे लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, पुलिस अनुसंधान जारी है और न्यायालय में दर्ज पीड़िता के बयान को इस मामले में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा कई लोगों पर कार्रवाई होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।