एफआरएस और टीएचआर वितरण में आ रही दिक्कतों पर आईसीडीएस की बैठक,

आईसीडीएस योजनाओं की प्रगति पर मंथन,कर्मियों से किया गया सीधा संवाद

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /गुड्डू राज 

जिला के समेकित बाल विकास परियोजना प्रोग्राम पदाधिकारी कार्यालय में बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की जानकारी जिला समेकित बाल विकास परियोजना की प्रोग्राम पदाधिकारी चांदनी सिंह ने दी। इस बैठक में दरभंगा सदर,दरभंगा ग्रामीण और तारडीह प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं सुपरवाईजर शामिल हुए यह समीक्षा बैठक जिला पदाधिकारी के निर्देश पर आयोजित की जा रही है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि प्रतिदिन अलग-अलग प्रखंडों के बाल विकास परियोजना से जुड़े एक-एक ग्रुप को बुलाकर बैठक की जाए और विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए।चांदनी सिंह ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एफआरएस के माध्यम से टीएचआर यानी घर ले जाने योग्य पोषाहार के वितरण में आ रही समस्याओं को समझना और उसका समाधान करना है। कई जगहों पर टीएचआर का वितरण समय पर नहीं हो पा रहा है या शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रहा है। बैठक के दौरान यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कहां समस्या है और किस कारण से वितरण प्रभावित हो रहा है,ताकि उसे जल्द से जल्द दूर किया जा सके। उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक में फील्ड में काम कर रहे कर्मियों से सीधे संवाद किया जा रहा है। कर्मी अपनी परेशानियां,तकनीकी दिक्कतें और जमीनी समस्याएं खुलकर रखे,ताकि उनका तुरंत समाधान किया जा सके। इसका उद्देश्य यह है कि जमीनी स्तर पर काम की गुणवत्ता बेहतर हो और योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक पहुंचे। प्रोग्राम पदाधिकारी चांदनी सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो कर्मी विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेंगे,उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं जो कर्मी ईमानदारी और लगन से अच्छा कार्य करेंगे,उनकी प्रशंसा भी की जाएगी। दंड और पुरस्कार—दोनों के माध्यम से विभाग यह प्रयास कर रहा है कि आईसीडीएस के सभी कार्य और योजनाएं बेहतर ढंग से लागू हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि आईसीडीएस केंद्रों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सेवाएं दी जाती हैं। इनमें महिलाओं और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाएं,नियमित टीकाकरण,प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन,पोषण से संबंधित कार्यक्रम और बाल विवाह रोकथाम को लेकर चल रहा सौ दिवसीय अभियान शामिल है। इन सभी कार्यों में फील्ड कर्मियों की भूमिका सबसे अहम होती है।।चांदनी सिंह ने कहा कि महिला एवं बाल विकास से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों पर ही निर्भर करती है। यही कर्मी प्रशासन और आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच की मजबूत कड़ी हैं। इसलिए इन्हें सशक्त बनाना और इनके साथ लगातार संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार विभाग लगातार इसी दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकों से आईसीडीएस योजनाएं और अधिक प्रभावी होंगी और जिले की महिलाओं व बच्चों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।