लापरवाही या हादसा? गौड़ा बौराम में हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत

दस्तक7मिडिया, अमीत झा,गौड़ा बौराम।

गौड़ा बौराम प्रखंड के कन्हई गांव में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहां 11,000 वोल्ट के हाई-टेंशन तार की चपेट में आने से 65 वर्षीय देवगन मुखिया की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब मृतक अपने बटाईदार खेत के पास लगे एक पेड़ की छंटाई करने के लिए ऊपर चढ़े थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2:00 बजे देवगन मुखिया पेड़ पर चढ़े थे। पेड़ के ऊपर से ही बिजली विभाग की 11,000 वोल्ट की नंगी तारें गुजर रही थीं। जैसे ही उनका संपर्क तारों से हुआ, वे बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई। मृतक की पहचान कसरौड़ करकौली पंचायत के कुनौनी निवासी के रूप में हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि नियमों के अनुसार, हाई-टेंशन लाइनों के पास से गुजरने वाले पेड़ों की समय-समय पर छंटाई की जिम्मेदारी बिजली विभाग की होती है, जिसे नजरअंदाज किया गया। घनी आबादी और खेतों के पास से गुजरने वाले तारों की ऊंचाई और उनकी सुरक्षा को लेकर विभाग अक्सर लापरवाह रहता है।
जमीन मालिक का कहना है कि लोग अपनी निजी जमीन बिजली के खंभों के लिए देते हैं, लेकिन विभाग सुरक्षा के नाम पर मौन रहता है।
जहां एक तरफ जमीन मालिक का कहना है कि मजदूर उनकी जानकारी के बिना पेड़ पर चढ़ा था, वहीं बिजली विभाग ने इस घटना पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इस गतिविधि की पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि अगर तार सुरक्षित दूरी पर होते या पेड़ों की सफाई विभाग द्वारा नियमित की जाती, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाना चाहिए।