आय से अधिक संपत्ति मामला : दरभंगा–मधुबनी में कनीय अभियंता के ठिकानों पर निगरानी की ताबड़तोड़ छापेमारी
आय से अधिक संपत्ति मामला : दरभंगा–मधुबनी में कनीय अभियंता के ठिकानों पर निगरानी की ताबड़तोड़ छापेमारी
आय से अधिक संपत्ति मामला : दरभंगा–मधुबनी में कनीय अभियंता के ठिकानों पर निगरानी की ताबड़तोड़ छापेमारी
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बुधवार को दरभंगा में तीन तथा मधुबनी जिले में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई योजना एवं विकास विभाग के स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, डिवीजन–वन में पदस्थापित कनीय अभियंता अंसारुल हक के विरुद्ध की गई है।
छापेमारी दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत भिगो मोहल्ला में दो स्थानों पर तथा आयुक्त कार्यालय परिसर स्थित कार्यालय में एक जगह की गई। वहीं मधुबनी जिले के अंध्रामठ थाना क्षेत्र के हरिराहा गांव स्थित पैतृक घर पर भी निगरानी की टीम ने तलाशी ली। हालांकि कार्यालय से संबंधित कोई आपत्तिजनक कागजात बरामद नहीं हो सके हैं, जबकि भिगो मोहल्ले के आवासीय परिसरों पर देर शाम तक छापेमारी जारी रही।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी शशि शेखर चौधरी ने बताया कि कनीय अभियंता अंसारुल हक के खिलाफ उनकी बहन द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन पर आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी कोर्ट के आदेश पर यह छापेमारी की गई।
डीएसपी ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ पटना स्थित निगरानी थाना में कांड संख्या 113/25 दर्ज है। शिकायत के अनुसार अंसारुल हक ने दरभंगा में दो स्थानों पर तीन मंजिला मकान का निर्माण कराया है, जबकि गांव में भी कई प्लॉट खरीदने के साथ पक्का मकान बनाया गया है। अनुमान है कि उनके पास डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
उन्होंने बताया कि कनीय अभियंता फिलहाल दो दिनों से अवकाश पर हैं और किसी कार्य से दिल्ली गए हुए बताए जा रहे हैं। कार्यालय में उनके लिए अलग से कक्ष आवंटित नहीं होने के कारण वहां से उनसे संबंधित कोई विशेष जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। हालांकि निगरानी टीम ने कार्यालय के कागजात एवं कंप्यूटर की जांच की तथा सहायक अभियंता मंजूर अहमद और कार्यपालक अभियंता से भी पूछताछ की, लेकिन उनसे कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
छापेमारी में एक टीम में एक डीएसपी सहित चार अधिकारी शामिल थे, जबकि अन्य तीन टीमों में 8 से 10 सदस्य तैनात थे। फिलहाल आवासीय परिसरों से बरामद सामग्री की आधिकारिक जानकारी मुख्यालय से जारी किए जाने की बात कही गई है।