दरभंगा की अदालतों का सख्त रुख, जघन्य अपराधों के आरोपियों की जमानत याचिकाएं एक के बाद एक खारिज

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /विधि संवाददाता

सिविल कोर्ट दरभंगा की अदालतों में जघन्य आपराधिक मामलों के आरोपियों की जमानत याचिकायें खारिज की गई है। प्रथम एडीजे संतोष कुमार पाण्डेय की कोर्ट ने किशोर न्याय वोर्ड को जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर न्यायालय को गुमराह करने के आरोपी बहादुरपुर थानाक्षेत्र के मिल्कीचक गांव के उपेंद्र दास की जमानत याचिका खारिज कर दिया है।पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि आरोपी पर अपने पुत्र को नाबालिग घोषित कराने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का आरोप है।जिसका खुलासा किशोर न्यायवोर्ड द्वारा प्रमाण पत्र के जांच में हुई थी।इसके अलावे जानलेवा हमला के आरोप मे दर्ज केवटी थानाकांड सं.237/25 के आरोपी मो. अली,नूझट प्रवीण, नसरा खातून,रफत प्रवीण, की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया है।वहीं दुसरी ओर एडीजे सप्तम उपेन्द्र कुमार की कोर्ट ने प्रधानमंत्री योजना के तहत दुसरे लाभूकों की आवास राशि फर्जी तरीके से अपने बैंक खाता में जमा करवा लेने के आरोप में संस्थित बहेड़ी थानाकांड सं.207/25 के अभियुक्त कोरिगामा गांव के लाखो देवी और संतोष ठाकुर की अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया है।इसके अतिरिक्त कोर्ट ने जानलेवा हमला के आरोपी शिवधारा निवासी मो. शब्बीर की याचिका खारिज कर दिया है।वहीं न्यायालय में जाली दस्तावेज बंधपत्र के साथ संलग्न कर जमानत लेने वाले भोजपुर जिला के बरहरा थानाक्षेत्र के करना गांव के गौतम कुमार सिंह उर्फ जौंटी की अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया है।अपर सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की कोर्ट ने रैयाम थानाकांड सं.83/24 में हत्याभियुक्त समैला गांव के अमरेश यादव की पत्नी विभा देवी की याचिका खारिज कर दिया है।पीपी श्री झा ने कहा कि एक भी जघन्य अपराध के आरोपी को दरभंगा की अदालत से जमानत का लाभ नहीं मिलेगा। इससे अपराध में कमी आयेगी।