लोक अदालत में नहीं होती किसी की हार, दोनों पक्षों की होती है जीत ,छोटे विवादों के स्थायी समाधान का वरदान है लोक अदालत:प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश

दस्तक 7मीडिया दरभंगा/विधि संवाददाता,

विवाद निपटारे के वैयकल्पिक प्रावधानों में लोक अदालत सर्वोत्तम माध्यम है।जिसके माध्यम से निष्पादित मामलों में किसी की भी हार नही होती है।अपितू हमेशा दोनो हीं पक्षकारों की जीत होती है।लोक अदालत से निष्पादित वादों में स्थाई समाधान निकलता है।जिसकी कहीं अपील नही होती है।

लोक अदालत पक्षकारों की अपनी अदालत है। जिसमें पक्षकार खूद अपना समाधान निकालते है।इसके दो फायदे मुख्य हैं।एक तो वार्ता से पक्षकारों के मन की कटूता मिट जाती है।जिसके कारण आपस में लोग शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल लेकर अपने-अपने घर जाते हैं।आवश्यकता इस बात की है कि लोग नालशा प्रायोजित इस कार्यक्रम का अधिक से अधिक कानूनी लाभ उठावें।उक्त बातें शनिवार को न्यायालय प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा ने कहा।


डीएम सह प्राधिकार के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने कहा कि छोटे -छोटे विवादों का स्थाई निदान के लिए लोक अदालत पक्षकारों के लिए वरदान है।वहीं क्षेत्र के लोगों के लिए ऋणमुक्ति का यह सुअवसर प्रदान करता है।इसके कई महत्त्वपूर्ण लाभ है।यहां लोगों के बहुमूल्य समय के साथ-साथ धन की बचत होती है।जिससे समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।वरीय पुलिस अधीक्षक सह प्राधिकार के सदस्य जगुनाथ रेड्डी जला रेडी ने कहा कि आपसी बिबाद से समाज में कटूता बढती है। जरुरत इस बात की है कि लोग लोक अदालत के माध्यम से बिबादों का स्थाई निपटारा करावें,तथा अपनी ऊर्जा को विकास कार्यों में उपयोग करें।बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत का प्रत्यक्ष लाभ जिला के पक्षकारों को मिल रही है।जरूरत इस बात की है कि लोग इसे समझें और इसका लाभ उठावें।मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंकज,एडीजे रविशंकर कुमार ,स्थाई लोक अदालत के पीठासीन पदाधिकारी सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी, प्रोतिमा परिहार ,सीजेएम जूनैद आलम आदि ने संबोधित किया।धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्राधिकार के सचिव आरती कुमारी ने कहा कि विवादों के कारण सामाजिक शांति भंग होती है।वही समझौता से मन को शांति और सुकून मिलती है।लोगों को लोक अदालत का लाभ उठाकर अपनी ऊर्जा को विकास कार्यों में लगाना चाहिए।मौके पर लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा समेत सभी न्यायिक पदाधिकारी,न्यायालय कर्मी और अधिवक्ता मौजूद थे।

कूल 17 खंडपीठ।
अलग-अलग किस्म के मामलों का निष्पादन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की अध्यक्षता में कूल 17 खंडपीठों का गठन किया गया।
अभूतपूर्व भीड़
राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों की अभूतपूर्व भीड़ जुटी।यह इस बात का साक्षी है कि लोगों में लोक अदालत के आकर्षण के प्रति जनजागरूकता जगी है।वहीं इसकी ब्यापक सफलता में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का मिहनत रंग लाई है।
निष्पादन 
लोक अदालत में कूल 2191 मामलों का निष्पादन किया गया।वहीं उत्पाद, क्लेम ,लेबर,वन अधिनियम, एमभी ऐक्ट समेत बिभिन्न बैंकों के बैंक ऋण,टेलीफोन, बिजली आदि से संबंधित 23125 मामलों में 6 करोड़ 79 लाख 98हजार 938रुपये का सेटलमेंट किया गया।

लोक अदालत का उदघाटन करते प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्रा, डीएम कौशल कुमार, एस एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, एडीजे रविशंकर कुमार,बार एसोसिएशन का महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा, लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा साथ में मौजूद न्यायिक पदाधिकारी एवं अन्य।