बिरौल थाना पुलिस पर उठ रहें हे सवाल ,झपट्टा मार गिरोह के निशाने पर आ गये दों बुजुर्ग ,और लूट लिये पैसे ?रोको -टोको अभियान भी सुस्त।

दस्तक 7मीडिया ,बिरौल /

काश ,पुलिस की चौकसी होती और लोग सुरक्षित महसूस करते ,पर ऐसा देखने को नहीं मिल रहा हे। ना ही ठीक से दिवा गश्ती होती हे ,और ना ही रात्रि गश्ती। यह बात किसी एक थाने का नहीं ,जिले के अधिकांश थानों का हे ,नतीजतन आपराधिक प्रवृति के लोंगों का शिकार आम जनता हो जाती हे।
जी हाँ फिलहाल हम बात बिरौल थाना क्षेत्र के सुपौल बाजार का कर रहें हे जहां बदमाशों ने स्टेट बेंक से पैसा निकालकर जा रहें हाटी -कोठी के नजदीक अकबरपुर गांव के मीनू देवी को निशाना बनाया ,एक अपाचे मोटरसाईकिल पर आये दों बदमाशों ने उनसे 49हजार रुपये लूटकर फरार हो गये ,स्टेट बेंक ऑफ इंडिया से पैसे निकालकर वह घर जा रही थी। ठीक इसी तरह डुमरी चौंक के पास एक और घटना घटी ,दुलारचंद भी बेंक से 49हजार रुपये लेकर जा रहें थे उन्हें भी अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दों बदमाश निशाना बनाया। स्थानीय लोंगों की सूचना पर पुलिस पहुंची ,घटना की जानकारी लेकर वापस चली गई।
थानाध्यक्ष का कहना हे कि दोनों मामले में पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही हे।हालांकि सीसीटीवी में बदमाशों का फुटेज पुलिस को मिल गया हे।
लेकिन एक बात तों यह साबित हो रहा हे कि बिरौल थाने के डुमरी से हाटी चौक तक मात्र दों किलोमीटर की दूरी होगी ,अगर पुलिस रोको टोको अभियान के तहत काम करती तों शायद ऐसे बदमाशों का हौसला बुलंद नहीं रहता।इसी कारण विधानसभा चुनाव के दौरान सपहा पुल की और जाने वाली सड़कों पर करीब तीन लाख रुपये की लूट हुई थी जबकि पुलिस के पास फोर्स की कमी नहीं थी।