डीएम ने शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा
बीईओ एवं डीपीओ आदि स्कूलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें : डीएम

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों, शिक्षा की गुणवत्ता, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, छात्रवृत्ति सहित कई प्रमुख बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ई-शिक्षा कोष में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की स्थिति, यू-डायस अद्यतन प्रविष्टि, विद्यालयों में भौतिक संसाधनों की उपलब्धता, तथा स्कूल संचालन की नियमितता को लेकर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

विद्यालयों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य — डीएम

जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO-शिक्षा) को निर्देश दिया कि
• अपने-अपने कार्यक्षेत्र के सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें।
• प्रत्येक बीईओ प्रतिदिन कम-से-कम पाँच विद्यालयों का निरीक्षण सुनिश्चित करें ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन हो सके।

ऑनलाइन उपस्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

डीएम ने स्पष्ट कहा कि —
• शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति 100 प्रतिशत सुनिश्चित हो।
• उपस्थिति बनाने के बाद विद्यालय से गायब रहने वाले शिक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
• अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों पर विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

2586 विद्यालयों की औचक जांच का आदेश

जिले के सभी 2586 विद्यालयों की औचक जांच कर भौतिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
साथ ही बताया गया कि जिले में कुल 7025 रसोइये कार्यरत हैं, जिन्हें प्रतिमाह ₹3300 मानदेय दिया जाता है।

छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित करें

जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि—
• छात्रवृत्ति सहित सभी योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक पहुंचे।
• संस्थागत स्तर पर लंबित सभी आवेदन शीघ्र निष्पादित किए जाएं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस पूरे कार्य पर निरंतर अनुश्रवण (monitoring) करने को कहा गया।

भवनहीन और भूमिहीन विद्यालयों की सूची तैयार करने का निर्देश

जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि
• जिले में भवनहीन, भूमिहीन तथा टैग किए गए विद्यालयों की अद्यतन सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं।
• यू-डायस डेटा की समयबद्ध और सटीक प्रविष्टि हर विद्यालय प्रधान की जिम्मेदारी है।

समग्र शिक्षा, KGBV, आधार-अपार स्टेटस सहित अनेक बिंदुओं की समीक्षा

बैठक में खास तौर पर इन बिंदुओं की समीक्षा की गई—
• समग्र शिक्षा
• पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप
• कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय
• विद्यालयों का निरीक्षण
• आधार एवं APAR स्टेटस
• मध्यान्ह भोजन योजना

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल रूप से सशक्त शिक्षा सुनिश्चित करें :डीएम

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मी यह सुनिश्चित करें कि जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और डिजिटल रूप से सशक्त शिक्षा प्राप्त हो।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्णानंद सदा, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, डीपीओ स्थापना अवधेश कुमार, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।