सरकारी बीज से ठगी 10 दिन बाद भी अंकुरित नहीं हुए गेहूँ के बीज, किसान मायूस; विभाग पर फूटा आक्रोश
सरकारी बीज से ठगी 10 दिन बाद भी अंकुरित नहीं हुए गेहूँ के बीज, किसान मायूस; विभाग पर फूटा आक्रोश
सरकारी बीज से ठगी 10 दिन बाद भी अंकुरित नहीं हुए गेहूँ के बीज, किसान मायूस; विभाग पर फूटा आक्रोश
दस्तक7मिडिया, अमीत झा, गौड़ा बौराम।
राज्य बीज निगम द्वारा अनुदानित दर पर बेचे गए गेहूँ के बीज ने गौड़ाबौराम प्रखंड की कसरौर बेलवारा पंचायत के निसिहारा गांव के दर्जनों किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। बुआई के पूरे दस दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में बीज अंकुरित नहीं हुए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मेहनत की बर्बादी झेलनी पड़ रही है। ठगा महसूस कर रहे किसान अब सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
निसिहारा गांव के किसानों ने सरकारी दर पर गेहूं का बीज खरीदने के लिए अपने गांव से लगभग 20 किलोमीटर दूर बौराम का सफर तय किया था। उन्होंने 40 किलो गेहूं बीज का पैकेट एक हजार रुपये में खरीदा। बीज लाने के बाद, किसानों ने खेत की जुताई और खाद-बीज की बुआई में हजारों रुपए खर्च किए और कड़ी मेहनत की।
किसान रत्नेश्वर प्रसाद सिंह, सिया शरण यादव, सीताराम यादव, और रामविलास सिंह ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उन्होंने 10 कट्ठा खेत में गेहूँ की फसल के लिए बीज की बुआई की थी। 10 दिन बाद जब खेत में पौधे नहीं निकले तो उन्होंने बोए गए बीज को खोदकर देखा। बीज ज्यों का त्यों पड़ा था—नमी होने के बावजूद उसमें अंकुरण शुरू नहीं हुआ था।
किसानों ने दुःख प्रकट करते हुए कहा कि घर में रखे सारे पैसे बीज, खाद और जुताई में खत्म हो गए। अब दोबारा बीज खरीदना और खेतों की जुताई कराना संभव नहीं है। हम कर्ज में डूब गए हैं। हमें गेहूं की फसल कैसे मिलेगी, इसकी चिंता सता रही है
किसानों में कृषि विभाग और बीज निगम के अधिकारियों के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि सरकार की अनुदानित योजनाओं का लाभ मिलने की जगह, उन्हें निम्न गुणवत्ता वाले बीज बेचकर ठगा गया है, जिसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के कर्मी जांच में जुट गए हैं। गांव में जांच के लिए पहुंचे किसान सलाहकार संतोष कुमार राय ने किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। किसान सलाहकार का कहना है कि कुछ किसानों के खेत में बीज अंकुरित नहीं हुआ है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट बनाकर जल्द ही बीएओ कार्यालय में जमा की जाएगी। किसानों ने मांग की है कि विभाग तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे, किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करे, और जल्द से जल्द अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए ताकि रबी की फसल पूरी तरह बर्बाद न हो।