आर्थिक अपराध इकाई (EOU) बिहार में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों का अध्ययन भ्रमण,
पटना में आर्थिक एवं साइबर अपराधों की रोकथाम पर मिला उच्चस्तरीय प्रशिक्षण

दस्तक 7मीडिया /पटना 

आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार मुख्यालय में आज एक महत्वपूर्ण अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न कैडर से आए 8 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने भाग लिया। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य युवा अधिकारियों को आर्थिक अपराधों, साइबर अपराधों, आधुनिक तकनीकी जांच प्रणालियों और राज्य स्तर पर लागू की जा रही उन्नत पद्धतियों की गहन जानकारी उपलब्ध कराना था।

उच्चस्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को बनाया महत्वपूर्ण

कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई नैयर हसनैन खान ने की। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को आर्थिक अपराधों के बदलते स्वरूप, फाइनेंशियल फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग, सरकारी धन के दुरुपयोग तथा कॉरपोरेट अपराधों की बारीकियों से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार EOU ने पिछले वर्षों में बड़े-बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया है और किस तरह आधुनिक तकनीक—डिजिटल ट्रेल एनालिसिस, बैंकिंग ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग, डेटा क्राइम एनालिटिक्स का उपयोग करते हुए मामलों का सफल निष्पादन किया जाता है।

इस अवसर पर पुलिस उप-महानिरीक्षक (साइबर)  संजय कुमार, पुलिस उप-महानिरीक्षक (EOU)  मानवजीत सिंह ढिल्लो, तथा पुलिस अधीक्षक  राजेश, श्री अमरकेश, श्री विनय तिवारी एवं पंकज कुमार सहित इकाई के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षु आईपीएस को वास्तविक मामलों के उदाहरण, जांच-पद्धति और चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

साइबर अपराध पर विशेष सत्र

साइबर प्रकोष्ठ के विशेषज्ञों ने आधुनिक साइबर अपराधों के मॉडल:
फ़िशिंग
ऑनलाइन ठगी
डिजिटल पेमेंट फ्रॉड
सोशल इंजीनियरिंग
डेटा ब्रीच
क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराध पर तकनीकी जानकारी दी और बताया कि कैसे साइबर पुलिस बिहार में लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रही है।

EOU की तकनीकी प्रयोगशाला का भ्रमण

प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को EOU की अत्याधुनिक लैब का भी भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने देखा—
डिजिटल डिवाइस फॉरेंसिक
बैंकिंग डेटा एनालिसिस सिस्टम
साइबर ट्रैकिंग टूल्स
मोबाइल एवं कंप्यूटर क्लोनिंग सिस्टम
इन प्रणालियों की कार्यप्रणाली को जानकर प्रशिक्षु अधिकारियों ने इसे बेहद उपयोगी अनुभव बताया।

युवा अधिकारियों को मिला व्यावहारिक अनुभव

अध्ययन भ्रमण के दौरान अधिकारियों को केस स्टडी के माध्यम से यह समझाया गया कि किस तरह आर्थिक एवं साइबर अपराधों में साक्ष्यों को सुरक्षित रखना, तकनीकी रिपोर्ट तैयार करना, और बहु-राज्यीय अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना चुनौतीपूर्ण होता है।
EOU टीम ने प्रशिक्षुओं को जमीनी अनुभव और भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने कहा कि बिहार EOU द्वारा अपनाई गई जांच प्रणाली और तकनीकी साधन देश में एक मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने कैरियर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सीख बताया।