विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा
समाहरणालय परिसर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों (CWPOs) सहित बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न हितधारकों हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर न्याय प्रणाली को अधिक परिणामकारी बनाना तथा बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गोपाल मिश्र, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रड्डी जला रड्डी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जुनेद आलम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
मंच संचालन प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद मोहिनी कुमारी द्वारा किया गया।
विस्तृत प्रशिक्षण एवं महत्वपूर्ण विधिक परिचर्चा
यूनिसेफ के मास्टर ट्रेनर अजय कुमार झा एवं राकेश कुमार द्वारा प्रतिभागियों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की—
• किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015
• बिहार किशोर न्याय नियमावली, 2017
• लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012
• प्रखंड/पंचायत स्तर की बाल संरक्षण समितियों की भूमिका
• परवरिश योजना एवं बाल संरक्षण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
प्रशिक्षण सत्र का विशेष फोकस विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों तथा देख-रेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित मामलों में पुलिस एवं हितधारकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना रहा।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का प्रेरक संबोधन
माननीय न्यायाधीश श्री गोपाल मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि
“यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस पदाधिकारियों को बाल सुरक्षा एवं संरक्षण की संवेदनशीलताओं से परिचित कराने के लिए अत्यंत उपयोगी है। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं; उन्हें सुरक्षित वातावरण और उचित संरक्षण प्रदान कर हम एक और अधिक सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि विधि-विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले बच्चों के प्रति संवेदनशील, सुधारात्मक एवं पुनर्वासोन्मुख दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, और आज का प्रशिक्षण इसी दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम ने बढ़ाया समन्वय एवं सुदृढ़ किए बाल संरक्षण तंत्र
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने विभिन्न संबंधित विभागों एवं निकायों के बीचसमन्वय,संवेदनशीलता, तथा विधिक समझ को सुदृढ़ करते हुए बाल संरक्षण संरचना को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में कई अधिकारी एवं बाल संरक्षण क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अनिमेष कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, धनंजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), दरभंगा
गुंजन कुमारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति,अजीत कुमार मिश्रा
इत्यादि शामिल रहें।