करीब डेढ़ माह पुर्व काली पूजा में हुई अंधेरगर्दी! बिना परमिशन ऑर्केस्ट्रा, खुलेआम फायरिंग।वीडियो वायरल होते ही प्रशासन की नींद टूटी, एक माह बाद हुई प्राथमिकी।आदर्श आचार संहिता का भी हुआ था उल्लंघन।
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
दरभंगा जिले के फेकला थाना क्षेत्र में विगत महीने काली पूजा के नाम पर आचार संहिता को धज्जियां उड़ाते हुए 21 अक्टूबर 2025 को प्लस टू उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक्का-पिररी के विस्तृत कैंपस में बिना अनुमति के ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित कर दिया गया। हैरानी की बात यह कि इसी परिसर में तीन-तीन सरकारी विद्यालय हें जिसमें +2 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय,मध्य विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय
संचालित होते हैं।
ऐसे संवेदनशील शैक्षणिक परिसर में बिना अनुमति अश्लील नृत्य, तेज आवाज वाले कार्यक्रम और भीड़ का जुटना प्रशासन एवं शिक्षा विभाग दोनों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
फायरिंग का वीडियो वायरल , प्रशासन जागा!
पूजा में आयोजित अवैध कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें एक युवक को अवैध हथियार से फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है।
(वायरल वीडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता।)
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, प्रशासन नींद से जागा, लेकिन तब तक पूरा एक महीना बीत चुका था!
एक माह बाद FIR , कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के 30 दिन बाद, 25 नवंबर 2025 को फेकला थाना ने एक आवेदन के आधार पर
सौरभ ठाकुर (पिता—सुनील ठाकुर), निवासी—पिहवाड़ा, थाना—सहारघाट, जिला—मधुबनी
के खिलाफ मामला दर्ज किया।
अब क्षेत्र में यह सवाल तेजी से उठ रहा है
• जब आचार संहिता लागू थी, तब बिना परमिशन कार्यक्रम कैसे हुआ?
• तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
• वीडियो वायरल होने के बाद ही FIR क्यों?
• विद्यालय परिसर में तैनात रात्रि गार्ड कहाँ थे?
• तीन स्कूलों के कैंपस में देर रात तक अवैध कार्यक्रम कैसे चलता रहा?
विद्यालय प्रशासन भी अनभिज्ञ होने का कर रहा हें दावा
मध्य विद्यालय चक्का-पिररी के प्रधानाध्यापक महेश पासवान ने बताया कि उन्हें इस पूरी घटना की जानकारी ग्रामीणों से दो दिन पहले मिली।
उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से निर्देश ले रहे हैं ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
प्रशासनिक उदासीनता या मिलीभगत?
यह पूरा मामला—
आचार संहिता की सख्ती, पुलिस-प्रशासन की सक्रियता,
शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सब पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता हे।
फिलहाल यह घटना फेकला से लेकर पूरे दरभंगा इलाके में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ हें।
लोगो का कहना हें कि इस मामले में चौकीदार के बयान पर एफआईआर दर्ज होना चाहिये था लेकिन किसी अन्य के द्वारा पुलिस आवेदन लेकर प्राथमिकी दर्ज की हें।
इस संबंध में फेंकला थानाध्यक्ष ने कहा कि इस मामले की जानकारी हुई तों उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कर कानून संगत कारवाई कर दी हें।उन्होंने कहा कि आरोपी को सदर थाना के दारू मामले में जेल भेजा गया हें लेकिन इस मामले में भी उसे पूछताछ के लिये रिमांड पर लिया जाएगा इसके लिये उन्होंने पूरी कारवाई कर दी हें।
