नकली बीज कांड से किसानों में हड़कंप, कुशेश्वरस्थान में बिहार राज्य बीज निगम पर उठे सवाल, कई खेतों में नहीं फूटा एक भी अंकुर
नकली बीज कांड से किसानों में हड़कंप, कुशेश्वरस्थान में बिहार राज्य बीज निगम पर उठे सवाल, कई खेतों में नहीं फूटा एक भी अंकुर
नकली बीज कांड से किसानों में हड़कंप, कुशेश्वरस्थान में बिहार राज्य बीज निगम पर उठे सवाल, कई खेतों में नहीं फूटा एक भी अंकुर
दस्तक 7 मीडिया, प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान।
कुशेश्वरस्थान प्रखंड में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बिहार राज्य बीज निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए गेहूं के बीज के नकली होने की आशंका के बाद किसान आक्रोशित हैं। प्रखंड के कई पंचायतों में दर्जनों किसानों के खेतों में बुआई के बाद भी अंकुरण न होने से स्थिति गंभीर हो गई है।
खलासीन के किसान सूर्यनारायण पासवान की व्यथा
खलासीन निवासी सूर्यनारायण पासवान ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को आवेदन देकर बताया कि उनकी पत्नी चांद देवी, किसान निबंधन संख्या 2151198287993 से निबंधित हैं और पिछले 20 वर्षों से नियमित खेती कर रही हैं।
सूर्यनारायण पासवान ने बताया कि—
“15 नवंबर को कृषि कार्यालय द्वारा निदेशित दुकान से गेहूं का बीज खरीदा था। लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी खेत में एक भी पौधा अंकुरित नहीं हुआ है।”
उन्होंने स्थलीय जांच कर विधि सम्मत क्षतिपूर्ति की मांग की है। उनके अनुसार, मजदूरों के साथ लगन से की गई बुआई पूरी तरह व्यर्थ हो गई है।
विशुनिया गांव के कई किसानों का भी वही हाल
ईटहर पंचायत के विशुनिया गांव में भी कई किसानों के खेतों में गेहूं का पौधा बिल्कुल नहीं फूटा। मामला तूल पकड़ने के बाद शुक्रवार को कृषि विभाग एवं बिहार राज्य बीज निगम की टीम विशुनिया गांव पहुंची और कई खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने ली पहल, जांच रिपोर्ट का इंतजार
प्रखंड कृषि पदाधिकारी स्नेहिल वत्स ने बताया—
“किसानों की शिकायत पर हमने रिपोर्ट भेज दी थी। उसी के आधार पर बिहार राज्य बीज निगम ने जांच की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
किसानों का कहना है कि यदि बीज नकली पाया गया तो उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान होगा। ऐसे में उचित क्षतिपूर्ति और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है।