गरीबों पर बुलडोजर, दबंगों को संरक्षण,वीआईपी प्रमुख संतोष कुमार सहनी का बड़ा बयान–गरीबों को हटाकर सिर्फ ‘कागजी खानापूर्ति’ कर रहा है प्रशासन, पूंजीपतियों के कब्जे पर क्यों नहीं करती कार्रवाई ?

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर अपना जीवनयापन करने वाले गरीब दुकानदारों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई को लेकर वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सहनी ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को मात्र ‘कागजी खानापूर्ति’ करार दिया और मांग की कि प्रशासन को पहले सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए बैठे दबंगों और पूंजीपति लोगों को हटाना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सहनी ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन की कार्रवाई का निशाना सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर लोग बन रहे हैं, जबकि सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वाले ‘दबंग लोग’ कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सड़क किनारे अस्थाई दुकान लगाने वाले लोग आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर होते हैं। ये लोग अक्सर अपनी दुकान चलाने के लिए पूंजीपति लोगों से अधिक ब्याज पर पैसा लेकर छोटा-मोटा रोजगार करते हैं। इन्हें उजाड़ना सिर्फ कागजी खानापूर्ति है और यह उनके साथ घोर अन्याय है।

दबंगों पर हो पहले कार्रवाई–

वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सहनी ने सवाल उठाया कि प्रशासन उन दबंग और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है, जिन्होंने वर्षों से सरकारी भूमि को अवैध रूप से कब्जा कर रखा है? प्रशासन गरीबों पर बुलडोजर चलाने के बजाय, पहले इन कब्ज़ाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

वैकल्पिक व्यवस्था की मांग–

वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सहनी ने मांग की कि सरकार को सबसे पहले अपनी कब्ज़ाई हुई भूमि को खाली कराकर, उस भूमि पर इन अस्थाई दुकान चलाने वाले गरीब लोगों को व्यवस्थित तरीके से जगह देनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों को हटाना संवेदनहीनता है। मौके पर दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वैद्यनाथ सहनी, अधिवक्ता नटवर मिश्र सहित कई लोग मौजूद थे।