नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों में जोश का संचार , वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा ने कहा: “वर्दी की गरिमा बनाए रखें, जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी”

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा

 वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेडडी जला रेडडी  द्वारा नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित किया गया। यह कार्यक्रम नए सिपाहियों के मनोबल को मजबूत करने, उन्हें पुलिस सेवा के मूल सिद्धांतों से अवगत कराने तथा निष्पक्ष व संवेदनशील सेवा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

संबोधन के दौरान एस.एस.पी. ने पुलिसिंग के विविध पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया 

संबोधन  के क्रम में कही गई महत्वपूर्ण बातें

1. वर्दी और सेवा की गरिमा पर जोर
वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी नवनियुक्त सिपाहियों को भारतीय पुलिस परिवार का हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि“यह वर्दी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन और त्याग का प्रतीक है। इसे पहनने वाले प्रत्येक सिपाही पर जनता का भरोसा टिका होता है।”

2. कर्तव्यों के प्रति समर्पण
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सिपाही का प्रथम दायित्व—
• कानून-व्यवस्था बनाए रखना
• अपराधों की रोकथाम
• जरूरतमंदों की सहायता
है।
उन्होंने सभी प्रशिक्षु सिपाहियों से ईमानदारी, निष्ठा और निस्वार्थ भाव से कार्य करने की अपील की।

3. जनता से व्यवहार—पुलिस की असली पहचान
एस.एस.पी. ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सिपाहियों को सीख दी कि—
• जनता से सदैव विनम्र और संवेदनशील व्यवहार रखें
• उनके दुःख-दर्द और समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें
• हर व्यक्ति के साथ निष्पक्ष रवैया अपनाएँ

उन्होंने कहा कि एक सिपाही की पहचान उसके आचरण से ही बनती है, और इसी से पुलिस की सार्वजनिक छवि मजबूत होती है।

कर्तव्य, अनुशासन और मानवता का संतुलन ही श्रेष्ठ पुलिसिंग

कार्यक्रम के अंत में वरीय पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षु सिपाहियों से कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक, अनुशासन, त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण चारों का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवनियुक्त सिपाही नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।