दरभंगा जिला प्रशासन सक्रिय :पुराने सर्वे और बन्दोबस्त रिकॉर्ड अब होंगे अभिलेखागार में सुरक्षित

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /

समाहरणालय परिसर स्थित जिला अभिलेखागार,दरभंगा में अब पुराने रिविजनल सर्वे से सम्बंधित रिकॉर्ड,बन्दोबस्त अभिलेख और बीटी एक्ट की धारा 106, 108 और 108(A) से जुड़े दस्तावेजों को इकट्ठा करने का बड़ा सरकारी अभियान शुरू होने जा रहा है। यह काम लंबित था,लेकिन अब सरकार ने इसे प्राथमिकता की सूची में रख दिया है। राज्य सरकार के अवर सचिव तथा भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय,पटना द्वारा जारी अधिसूचनाओं के आधार पर बन्दोबस्त पदाधिकारी, दरभंगा ने 24 फरवरी 2025 को निर्देश जारी किया,जिसमें सभी पुराने अभिलेखों को जिला अभिलेखागार में उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया। पहले सिर्फ दो लिपिक इस बड़े काम में लगे थे,लेकिन रिकॉर्ड की संख्या इतनी अधिक पाई गई कि इसे समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा था।

इसी वजह से अब निर्णय लिया गया कि दरभंगा जिले के कई प्रखंडों और अंचलों से अतिरिक्त कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए,ताकि काम तेजी से पूरा हो सके।


कर्मियों को सख्त जिम्मेदारी दी गई,प्रतिनियुक्त किए गए सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने प्रखंड या अंचल से संबंधित पुराने रिकॉर्ड को समय पर लाकर जिला अभिलेखागार में जमा करें। अभिलेखों को सुरक्षित रखने का काम— हर्ष कुमार और
चंद्र किशोर राउत विकास कुमार रंजन निम्न वर्गीय लिपिक) को सौंपा गया है। ये दोनों यह सुनिश्चित करेंगे कि रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से अभिलेखागार भवन में रखा जाए। विभिन्न प्रखंडों और अंचलों से बड़ी संख्या में सहायक उर्दू अनुवादक,लिपिक एवं उच्च-वर्गीय कर्मचारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं—हनुमाननगर मो. शमशाद–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. सोहैल अंसारी–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. जियाउर रहमान–उर्दू अनुवादक।दरभंगा सदर,मो.जेया अहमद–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. शाहिद अंसारी–निम्न वर्गीय लिपिक,खुरबू प्रवीण– सहायक उर्दू अनुवादक
फराज अहमद–निम्न वर्गीय लिपिक। बहादुरपुर,मो. अकील अहमद–उच्च वर्गीय लिपिक,वाजदा तबस्सुम– उर्दू अनुवादक,आलिया शाहीन–सहायक उर्दू अनुवादक,बुशरा नज्म– सहायक उर्दू अनुवादक।बेनीपुर,मो. कलामुद्दान– सहायक उर्दू अनुवादक
मो. रिजवान आलम– सहायक उर्दू अनुवादक।मनीगाछी,शाहीन प्रवीण– सहायक उर्दू अनुवादक,मो. ओबैस इकबाल–उच्च वर्गीय लिपिक।तारडीह,मो. इरशाद आलम अंसारी– सहायक उर्दू अनुवादक,अलविया बानो– सहायक उर्दू अनुवादक।केवटी,मो. इरशाद आलम– उर्दू अनुवादक,मो. हस्सान– सहायक उर्दू अनुवादक।सिंहवाड़ा,मो. अबुजर नइम–सहायक उर्दू अनुवादक,शमीमा बेगम– सहायक उर्दू अनुवादक।जाले,आरिफ महमूद–उर्दू अनुवादक,सुल्तान हुसैन– सहायक उर्दू अनुवादक,मो. फैज अख्तर–सहायक उर्दू अनुवादक।अलीनगर,अमानतुल्लाह– सहायक उर्दू अनुवादक,शहनवाज आलम–सहायक उर्दू अनुवादक।घनश्यामपुर,गुलाम अशरफ–सहायक उर्दू अनुवादक,तरन्नुम फातिमा– सहायक उर्दू अनुवादक।बिरौल,मो.अबुजर– सहायक उर्दू अनुवादक,कायनात आफताब–सहायक उर्दू अनुवादक।बहेड़ी,मो. नजीरूल हसन–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. हारून– सहायक उर्दू अनुवादक।गौड़ाबौराम,मो. एहसान– सहायक उर्दू अनुवादक,मो. नुरुद्दीन–सहायक उर्दू अनुवादक।कुशेश्वरस्थान,मो. जमालुद्दीन–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. मुख्तार– सहायक उर्दू अनुवादक। कुशेश्वरस्थान पूर्वी,मो. ऐनायतुल्लाह–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. जशीमुद्दीन– उर्दू अनुवादक।किरतपुर,मो. अफाक–सहायक उर्दू अनुवादक,मो. शमीम अंसारी–सहायक उर्दू अनुवादक। इन सभी कर्मचारियों को जल्द से जल्द अपने-अपने अंचल के सभी पुराने दस्तावेजों को जमा करने का आदेश मिला है। सरकार ने प्रतिनियुक्त सभी कर्मियों को निम्न निर्देश दिए हैं—तय तारीख से जिला अभिलेखागार में योगदान देना अनिवार्य है।
अपने क्षेत्र से संबंधित सभी रिकॉर्ड समय पर जमा करना होगा। किसी भी दस्तावेज को क्षतिग्रस्त होने से बचाना होगा। पूरा काम समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेज दिया जाएगा।अनुमंडल पदाधिकारी और जिला स्तर के अफसरों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी कर्मचारी समय पर अभिलेखागार पहुंचे। पुराने भूमि-बन्दोबस्त रिकॉर्ड,नक्शे,सर्वे कागजात और जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेज प्रशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यह रिकॉर्ड—भूमि विवादों के समाधान,नापी-पैमाइश,राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती,सरकारी योजनाओं में भूमि निर्धारण,भविष्य की कानूनी कार्यवाही,सभी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें एक जगह सुरक्षित रखना जरूरी है। इसी कारण सरकार ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को लगाकर इस काम को प्राथमिकता दी है। रिकॉर्डों की भारी संख्या को देखते हुए दरभंगा जिला प्रशासन ने कई प्रखंडों और अंचलों से अतिरिक्त कर्मचारियों को बुलाया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सभी पुराने दस्तावेज जिला अभिलेखागार में सुरक्षित रखे जा सकेंगे। यह कदम राजस्व प्रशासन को मजबूत करेगा और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों को निपटाने में मदद देगा।