औने-पौने दाम में धान बेचने पर मजबूर किसान, पैक्स की खरीददारी ठप, अधिकारी ने दिलाया भरोसा,

दस्तक7मिडिया, अमीत झा, गौड़ा बौराम।

प्रखंड क्षेत्र में पैक्स द्वारा धान खरीद की प्रक्रिया सुस्त पड़ने और अधिकांश पैक्सों के चयनित न होने के कारण किसान औने-पौने दामों पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर हैं। इससे किसानों के सामने बच्चों की पढ़ाई और आगामी खेती के लिए खाद-बीज खरीदने की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। जानकारी के अनुसार गौड़ाबौराम प्रखंड में कुल 13 पैक्स हैं, लेकिन धान अधिप्राप्ति के लिए अभी तक केवल दो पंचायतों मंसारा और गोड़ा मानसिंह पैक्स का ही चयन हो पाया है।

हालांकि, इन चयनित पैक्सों पर भी खरीददारी या तो शुरू नहीं हुई है, या बहुत धीमी गति से हो रही है। गोड़ा मानसिंह के संजीव कुमार सिंह, सुशील प्रसाद सिंह, अरुण सिंह, निरंजन सिंह, सुधांशू सिंह, मिथिलेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे बीते कई दिनों से धान को तैयार कर बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पैक्स अध्यक्षों द्वारा खरीददारी शुरू नहीं की जा रही है। किसानों का कहना है कि- “पैक्सों द्वारा धान नहीं लिए जाने से बच्चों की पढ़ाई का फीस, खाद, बीज की खरीददारी कैसे होगी, इसकी चिंता हमें सताए जा रही है।”समहौती के किसान संजय कुंवर ने अपनी समस्या में एक और आयाम जोड़ते हुए बताया, “बेमौसम हुई बारिश से पहले ही धान की फसल चौपट हो गई है। अब जो शेष उपज बची है, उसका भी सरकारी रेट नहीं मिल रहा है।”दूसरी ओर, मंसारा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष उमेश यादव ने दावा किया कि उनके पंचायत में धान का क्रय जारी है और अब तक 25 क्विंटल धान की खरीद की गई है। हालांकि, कसरौड़ बसौली, कसरौड़ बेलवार, आधारपुर, नारी, बैश्य लगमा, बौराम, बगरासी सहित शेष 11 पंचायतों के किसान सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर (₹2369 प्रति क्विंटल) धान की खरीद न होने से भारी परेशानी में हैं।
इस संबंध में प्रखंड प्रसार पदाधिकारी मुनि महेश सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि जिला को धान अधिप्राप्ति चयन के लिए 8 पैक्सों का नाम भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द ही किसानों से ₹2369 प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीददारी शुरू कर दी जाएगी।