नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मनटून चौपाल को 20 वर्ष की सजा
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मनटून चौपाल को 20 वर्ष की सजा
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मनटून चौपाल को 20 वर्ष की सजा
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /विधि संवाददाता,
सिविल कोर्ट दरभंगा प्रांगण में अवस्थित पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने एक नाबालिग से दूष्कर्म की जूर्म में रैयाम थानाक्षेत्र के पचाढी निवासी कुशो चौपाल का पुत्र मनटून चौपाल को बीस वर्षों की कारावास की सजा और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अदालत ने यह सजा रैयाम थानाकांड सं.34/18 से बने जीआर नं.43/18 में सुनाई है।पॉक्सो के स्पेशल पीपी विजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में फागुन के महीने में पीड़िता घास काटने गई थी।जहां अभियुक्त ने उसके साथ जबरन दूष्कर्म किया।फिर एक माह बाद वह घास लाने गई तो अभियुक्त ने उसके साथ पुनः दूष्कर्म किया एवं धमकी दी कि यदि किसी को बताओगी तो जान से मार देंगे।घटना के 6 माह बाद पीड़िता के माता-पिता को पता चला कि वह गर्भवती है।पुछने पर उसने सारी बातें घरवालों को बताई ।जिसके बाद थाना में 26 सितंबर 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई।पुलिस ने 16 दिसंबर2018 को अभियुक्त चौपाल के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया।12 फरवरी 2019 को न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध भादवि की धारा 376(2)/34 एवं 4/6 पॉक्सो ऐक्ट के तहत संज्ञान लिया ।वहीं 8 मई 2019 को न्यायालय में दूष्कर्मी के विरूद्ध भादवि की धारा 376(D),376(2)और 6 पॉक्सो ऐक्ट में आरोप गठन किया गया।ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से कुल पांच गवाहों की गवाही कराई गई।शनिवार को अदालत ने इस केश की सूनवाई पुरी कर जूर्मी को पॉक्सो ऐक्ट की धारा 6 में 20 वर्षों का सश्रम कारावास और 10 हजार अर्थदंड, भादवि की धारा 376(2) में 10 वर्षों का कारावास और 10 हजार रुपये तथा धारा8 पॉक्सो ऐक्ट में 7 वर्षों की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अभियुक्त की सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।