बिरौल में एस आई टी वशीउर रहमान खान का हृदयस्पर्शी आग्रह,”जान से खिलवाड़ न करें, परिवार आपका इंतज़ार कर रहा है।
बिरौल में एस आई टी वशीउर रहमान खान का हृदयस्पर्शी आग्रह,”जान से खिलवाड़ न करें, परिवार आपका इंतज़ार कर रहा है।
बिरौल में एस आई टी वशीउर रहमान खान का हृदयस्पर्शी आग्रह,”जान से खिलवाड़ न करें, परिवार आपका इंतज़ार कर रहा है।
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
बिरौल अनुमंडल पुलिस में पदस्थापित एस आई टी वशीउर रहमान खान का एक अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक दृश्य दस्तक7मिडिया के कैमरे में कैद हुआ है। उनका कार्यकाल कुछ ही महीनों का शेष है, लेकिन इस अधिकारी ने अपनी ड्यूटी के दौरान मानवता और संवेदनशीलता की जो मिसाल पेश की है, वह वाकई काबिले-तारीफ है।
यह घटना गुरुवार देर शाम एस एच 17 कोठी चौक पर, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे वाहन जांच अभियान के दौरान हुई।
आमतौर पर, वाहन जांच के दौरान पुलिस अधिकारी सख़्ती बरतते हैं, लेकिन एस आई टी वशीउर रहमान खान का अंदाज़ बिल्कुल जुदा था। उन्होंने बिना हेलमेट पहने बाइक सवारों को रोका और उन्हें चालान या सज़ा देने के बजाय, हाथ जोड़कर विनम्रतापूर्वक आग्रह किया।”कितना भी जरूरी काम हो, लेकिन बाइक से सवारी करने से पहले अपने जीवन का ख्याल रखना और हेलमेट लगाकर सफर करना। चूंकि घर से बाहर निकलने के बाद परिवार, बच्चे आपके कुशल घर लौटने का इंतजार करते रहते हैं।”
यह केवल एक अधिकारी का निर्देश नहीं था, बल्कि एक चिंतित अभिभावक या एक बड़े भाई का संदेश था।
इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग और पुलिस कर्मी भी आश्चर्यचकित रह गए। अधिकारी का यह व्यवहार ऐसा था मानो बाइक पर सवार होकर आने-जाने वाला हर व्यक्ति उनका अपना हो। उनके चेहरे पर किसी तरह का गुस्सा या सख्ती नहीं थी, बल्कि अपने लोगों के प्रति गहरा स्नेह और चिंता झलक रही थी।
एस आई खान ने सख़्ती के बल पर नहीं, बल्कि करुणा और भावनात्मक अपील के ज़रिए सुरक्षा के संदेश को लोगों के दिलों तक पहुंचाया है। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस का काम केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन की रक्षा करना भी है।
एस आई टी वशीउर रहमान खान का यह कृत्य पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।हेलमेट सिर्फ एक कानूनी बाध्यता नहीं है, यह जीवन रक्षक कवच है। एक छोटी सी लापरवाही आपके और आपके परिवार के लिए एक बड़ा दुख बन सकती है।
जब आप घर से बाहर निकलते हैं, तो आपके माता-पिता, पत्नी और बच्चे आपके सुरक्षित लौटने की उम्मीद करते हैं। हेलमेट लगाकर आप सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि अपने परिवार की खुशियों की रक्षा करते हैं।
हम सभी को एस आई टी वशीउर रहमान खान के इस मानवीय और महत्वपूर्ण संदेश को अनुग्रहण (स्वीकार और पालन) करना चाहिए। जब भी आप बाइक पर निकलें, हेलमेट पहनें और उनके इस आग्रह को याद रखें।