भागलपुर में प्राथमिक विद्यालय गोहारियो में बुधवार को मद्य निषेध दिवस पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल परिसर में शिक्षकों और उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने से हुई।

हेड मास्टर श्रवण रजक ने सभी से अपील की कि वे कमाई का उपयोग परिवार और बच्चों के भविष्य निर्माण में करें। नशा छोड़ स्वस्थ समाज बनाने में सहयोग दें। विद्यालय के ईको क्लब की ओर से पोषक क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसके जरिए शराबबंदी का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।

राबिया, नासरीन, रौनक और आसियाना ने ‘जीना है तो पापा शराब मत पीना’ शीर्षक नाटक के माध्यम से शराब के कारण परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को मंचित किया। बच्चों की प्रभावशाली प्रस्तुति और अभिनय को ग्रामीणों ने खूब सराहा। लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और नई पीढ़ी पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।

नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प

प्रधानाध्यापक ने बताया कि मद्य निषेध दिवस का उद्देश्य केवल शराब के दुष्प्रभावों से अवगत कराना ही नहीं है, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रम भविष्य में बड़ी सामाजिक जागरूकता का आधार बनते हैं।

भागलपुर में जागरूकता अभियान चलाकर दिलाई शपथ।
भागलपुर में जागरूकता अभियान चलाकर दिलाई शपथ।
कार्यक्रम के दौरान संविधान दिवस पर भी बच्चों को जागरूक किया गया। प्रधानाध्यापक रजक ने संविधान निर्माण की प्रक्रिया, उसके महत्व और राष्ट्र की प्रगति में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का पवित्र संविधान तैयार हुआ था और इसे जानना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर शिक्षक मो. इमरोज उद्दीन, मो. रमतुल्लाह, इम्तियाज समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और ग्रामीण मौजूद थे। छात्र जिशान और सौरभ ने भी नशामुक्ति संदेश से जुड़े गीतों और नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सहभागी बच्चों को विद्यालय की ओर से प्रोत्साहन भी दिया गया।