कैमूर के किसान भारत माला एक्सप्रेसवे और NH 219 परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि तथा फसल क्षतिपूर्ति के उचित मुआवजे की मांग को लेकर भभुआ समाहरणालय के पास धरने पर बैठ गए हैं। किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह प्रदर्शन किया जा रहा है।

प्रशासन ने फसल पर चलाया बुलडोजर

किसान संघर्ष मोर्चा में शामिल प्रोफेसर कमला सिंह ने बताया कि सैकड़ों किसान पिछले डेढ़ साल से मसोई में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

किसान धरने पर बैठे।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने किसानों की खड़ी फसल पर बुलडोजर चलाकर उसे नष्ट कर दिया, लेकिन किसानों को उसका उचित मुआवजा अब तक नहीं मिला है।

कुछ किसानों को मिला मिला, बाजार मूल्य के अनुसार नहीं

प्रोफेसर सिंह ने स्पष्ट किया कि किसान आज भी वाजिब मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को मुआवजा मिला भी है, वह बाजार मूल्य के अनुसार पर्याप्त नहीं है। किसान जिला प्रशासन से खेतों में नष्ट की गई खड़ी फसल की क्षतिपूर्ति की मांग करने के लिए समाहरणालय पहुंचे हैं।

किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसान धरने पर बैठे।

किसान संघर्ष मोर्चा ने कहा, आमरण अनशन करेंगे

उन्होंने बताया कि आज संविधान अंगीकार दिवस है और किसान न्याय तथा फसलों का उचित मूल्य चाहते हैं। प्रोफेसर कमला सिंह ने जोर देकर कहा, “हम देश के विकास के साथ हैं और विकास विरोधी नहीं हैं, लेकिन गरीब किसानों की अधिग्रहित भूमि का वाजिब और बाजार दर के अनुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए।”

किसान संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन से जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।