अनुमंडल अस्पताल बिरौल, सुविधाओं के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, मानव बल की कमी से जूझ रहे मरीज और चिकित्सक

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

दरभंगा जिला अंतर्गत अनुमंडल अस्पताल, बिरौल
में महत्वपूर्ण चिकित्सा संसाधन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के बावजूद, स्वास्थ्य सेवाएं पारा मेडिकल स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल के पास एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, नेत्र जांच जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर (जैसे डॉ. योगेन्द्र प्रसाद यादव, डॉ. फूल कुमार मिश्रा, डॉ. जयन्त कुमार, डॉ. फूल मंजर जैसे चिकित्सा पदाधिकारी और शिशु रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ) मौजूद हैं, लेकिन अपेक्षित पारा मेडिकल स्टाफ (विशेष रूप से स्टाफ नर्स/ग्रेड ए जैसे महत्वपूर्ण पदों) की कमी के चलते इन सुविधाओं का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
मौजूदा स्टाफिंग सूची (आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार) पर एक नजर डालने से स्थिति की भयावहता स्पष्ट होती है।
| पदनाम | स्वीकृत कार्यबल | वर्तमान कार्यबल | रिक्त पद (लगभग)–
स्टाफ नर्स/ग्रेड ए | 50 | 3 उपलब्ध | 47 रिक्त
उपाधीक्षक | 1 | 1 | 0 |
चिकित्सा पदाधिकारी/चिकित्सक | 9 | 9 (उपलब्ध) | 0 |,
फिजिशियन | 2 | 1 | 1 रिक्त।
जनरल सर्जन | 2 | 0 | 2 उपलब्ध।
स्त्री रोग विशेषज्ञ | 2 | 1 | 1 रिक्त।
चर्म रोग विशेषज्ञ | 1 | 0 | 1 |
शिशु रोग विशेषज्ञ | 2 | 2 | 0 |
मुंशी | 2 | 0 | 2 |
इएनटी | 1 | 0 | 1 |
उपरोक्त तालिका में “स्टाफ नर्स/ग्रेड ए” के लिए स्वीकृत 50 के मुकाबले मात्र 3 स्टाफ नर्स ही कार्यरत हैं, जिसके परिणामस्वरूप 47 रिक्तियां हैं।
पारा मेडिकल स्टाफ विशेष रूप से नर्सों की अत्यधिक कमी के कारण, अस्पताल में आने वाले मरीज़ों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। नर्सें प्राथमिक उपचार, दवा वितरण, डॉक्टर के सहायक कार्य और मरीज़ों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 50 के स्वीकृत बल के विरुद्ध मात्र 3 नर्सों के कार्यरत होने से, मौजूदा स्टाफ पर अत्यधिक काम का बोझ पड़ रहा है, जिससे वे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने में असमर्थ हैं।
अनुमंडल अस्पताल बिरौल के उपाधीक्षक डॉ.योगेन्द्र प्रसाद यादव ने इस समस्या की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके स्तर से रिक्त पदों पर भर्ती के लिए लगातार पत्राचार किया गया है, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर विषय पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर बिरौल जैसे अनुमंडल अस्पताल, जहां विशेषज्ञ और संसाधन उपलब्ध हैं, वह केवल मानव बल की अनदेखी के कारण बदहाल स्थिति में है। स्थानीय निवासियों और मरीजों ने सरकार से तत्काल इस ओर ध्यान देने और रिक्त पड़े सभी महत्वपूर्ण पदों, विशेषकर स्टाफ नर्स और अन्य पारा मेडिकल स्टाफ की अविलंब भर्ती करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को उनके हक की बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।