बिहार में 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में हुआ। इस समारोह में सबसे पहले नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की 10वीं बार शपथ ली। इसके बाद सभी मंत्रियों का शपथ ग्रहण हुआ।

मोहम्मद जमा खान ने एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ली है। वह चैनपुर के नेता और अल्पसंख्यक समाज की प्रमुख आवाज माने जाते हैं।

जमा खान ने फिर संभाली मंत्री की जिम्मेदारी

चैनपुर से विधायक और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रभावशाली चेहरे मोहम्मद जमा खान ने पिछली सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री की जिम्मेदारी निभाई थी। उनके कार्यकाल में अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति और वक्फ से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई थी। जमीन से जुड़े नेता होने की वजह से कैमूर और आसपास के क्षेत्रों में उनका जनाधार लगातार मजबूत होता गया।

2020 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर

जमा खान का राजनीतिक सफर 2020 में शुरू हुआ, जब उन्होंने बसपा के टिकट पर चैनपुर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद वे जदयू में शामिल हुए और उनकी क्षमता और सक्रियता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की कमान सौंप दी।

सरकार में भरोसेमंद चेहरा बने

अपने सीधे संवाद, योजनाओं की निगरानी और फैसले लागू करवाने की क्षमता के चलते वे सरकार के भरोसेमंद चेहरों में शामिल हो गए। 2025 के विधानसभा चुनाव में उनके काम और पहचान ने उनकी पकड़ और मजबूत की। यही कारण है कि नीतीश कुमार की नई टीम में उनका शामिल होना पहले से तय माना जा रहा था।

चैनपुर और कैमूर में उत्साह

उनके दोबारा मंत्री बनने से चैनपुर और कैमूर के लोगों में उत्साह है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नई पारी में गांवों तक विकास और योजनाओं का लाभ और तेजी से पहुंचेगा।

नई पारी से नई उम्मीदें

जमा खान के अगले पांच वर्षों से अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, छात्रवृत्ति और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में नए अध्याय शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। गांधी मैदान में हुआ यह शपथ ग्रहण उनके राजनीतिक सफर का एक और अहम पड़ाव साबित होगा।