बिहार में नीतीश की 10वीं पारी शुरू फिर से बने मुख्यमंत्री  , 26 मंत्रियों ने ली शपथ,प्रधानमंत्री ,गृह मंत्री समेत 12राज्यों के मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से सभी हुये गद गद।

दस्तक 7मीडिया ,पटना 

बिहार में नई एनडीए सरकार ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया।  आयोजित भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ कुल 26 मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर कैबिनेट गठन को पूरा किया।राज्यपाल ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई।

प्रधानमंत्री ,गृह मंत्री समेत 12राज्यों के मुख्यमंत्री शपथ समारोह में थे शामिल 

प्रधानमंत्री ,गृह मंत्री समेत 12राज्यों के मुख्यमंत्री इस भव्य शपथ समारोह में शामिल थे ,इसे लेकर कार्यकर्ताओं में अलग ही जोश दिखा।

दो उपमुख्यमंत्री, भाजपा का दमदार प्रदर्शन

शपथ ग्रहण में सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश भाजपा की बढ़ी हुई हिस्सेदारी का रहा। पार्टी ने दो उपमुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा  के साथ मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।भाजपा कोटे से कई बड़े नामों समेत नए चेहरों को भी शामिल किया गया।

जदयू के अनुभवी चेहरे फिर कैबिनेट में

नीतीश कुमार ने अपने भरोसेमंद नेताओं को एक बार फिर कैबिनेट में जगह दी। जदयू कोटे से विजेंद्र यादव, विजय चौधरी, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, मदन सहनी और अशोक चौधरी ,जमा खां जैसे वरिष्ठ चेहरे शपथ मंच पर नजर आए।

भाजपा के दिग्गज और युवा चेहरों का मिश्रण

भाजपा की ओर से नितिन नबीन, मंगल पांडेय, दिलीप कुमार जायसवाल, राम कृपाल यादव, रमा निषाद, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर, सुरेंद्र मेहता और नारायण प्रसाद को मंत्री बनाया गया।
वहीं युवा प्रतिनिधित्व को बढ़ाते हुए श्रेयसी सिंह को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई।

सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व

एनडीए के छोटे सहयोगी दलों को भी सम्मानित करते हुए HAM (सेक्युलर) से संतोष (मांझी )कुमार सुमन और RLM से दीपक प्रकाश को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
इससे गठबंधन में संतुलन और सामंजस्य का संदेश गया है।

विभागों का बंटवारा जल्द

शपथ ग्रहण के बाद अब विभागों के वितरण पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही विभागों की जिम्मेदारी सौंपेंगे और प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू होगी।

राज्य में नई उम्मीदों के साथ नई सरकार की शुरुआत

नई कैबिनेट के गठन के साथ बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा और नई प्राथमिकताओं की शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार विकास, शिक्षा, रोजगार और कानून व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले ले सकती है।