सड़क किनारे स्कूल खुलने का इंतजार करते हैं बच्चे:छात्र-छात्राओं के पेरैंट्स ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, बीईओ बोले- जांच की जाएगी।
स्कूल के बाहर सड़क किनारे गेट खुलने का इंतजार करते बच्चे।
भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड स्थित गर्ल्स मिडिल स्कूल राघोपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल समय पर नहीं खुलने के कारण प्रतिदिन दर्जनों छात्रों को मुख्य गेट के बाहर व्यस्त सड़क किनारे खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है। इससे किसी भी समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है, जिससे पेरेंट्स लगातार चिंतित हैं।
छात्रों ने बताया कि स्कूल का गेट प्रतिदिन सुबह करीब साढ़े नौ बजे ही खोला जाता है। अगर छात्र इससे पहले स्कूल पहुंचते हैं, तो स्कूल का गेट बंद मिलता है। ऐसे में वे सड़क किनारे खड़े रहने को मजबूर होते हैं। छात्रों के अनुसार, शिक्षक भी लगभग साढ़े नौ बजे ही स्कूल पहुंचते हैं, जिसके बाद ही गेट खुलता है और क्लासेज शुरू होती हैं। इससे उनका समय बर्बाद होता है और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ता है।
बच्चे समय से पहले इसलिए आते हैं ताकि वे असेंबली और पढ़ाई में समय पर शामिल हो सकें।
हेडमास्टर बोले- स्कूल खुलने का समय 9 बजकर 30 मिनट ही है
वहीं, स्कूल के हेडमास्टर का कहना है कि स्कूल खुलने का निर्धारित समय साढ़े नौ बजे ही है। उन्होंने बताया कि बच्चे निर्धारित समय से काफी पहले पहुंच जाते हैं, जिसके कारण उन्हें बाहर इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि अगर स्कूल खुलने का समय ही साढ़े नौ बजे है और उसी समय असेंबली भी होनी है, तो बच्चों को सड़क पर खड़ा रहने की स्थिति क्यों बन रही है?
बच्चे समय से पहले इसलिए आते हैं ताकि वे असेंबली और पढ़ाई में समय पर शामिल हो सकें। उधर, बच्चों के माता-पिता का कहना है कि जब बच्चे समय से पहले स्कूल पहुंच जाते हैं, तो स्कूल मैनेजमेंट की यह जिम्मेदारी है कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखा जाए। इसे देखते हुए सुबह 9 बजे तक स्कूल का गेट खोला जा सकता है। इससे बच्चे सुरक्षित परिसर में रहेंगे और अभिभावकों की चिंताएं भी दूर होंगी।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल मैनेजमेंट को बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुबह गेट खुलने का समय संशोधित करना चाहिए। इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने कहा है कि वे विद्यालय जाकर मामले की जाँच करेंगे।
