मिथिला के लाल ने रचा इतिहास: सरकारी स्कूल से पढ़ा संजीव झा स्पेन के IAC में PhD के लिए प्रथम स्थान पर चयनित 

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज 

“काश आज हमारे पापा होते…” — यह भावुक पंक्ति आज गर्व, उपलब्धि और प्रेरणा से भरी कहानी को और भी खास बना देती है।

दरभंगा जिले के मनीगाछी थाना क्षेत्र के राजे गांव, गोठ टोल निवासी संजीव कुमार झा, पिता स्व. योगानंद झा, ने वह उपलब्धि हासिल की है जिस पर पूरा परिवार ही नहीं, पूरा मिथिला गर्व कर रहा है।

सरकारी स्कूल से अपनी शिक्षा की शुरुआत करने वाले संजीव झा का चयन स्पेन के Institute of Astrophysics of the Canary Islands (IAC) में PhD के लिए हुआ है। यह वही संस्थान है, जहाँ प्रवेश का सपना दुनिया भर के हजारों मेधावी छात्र देखते हैं।

और गर्व की बात यह है किअंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में संजीव ने हासिल किया पहला स्थान!

इस प्रतिष्ठित पद के लिए केवल एक ही सीट थी, और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मिथिला के इस प्रतिभाशाली बेटे ने वह एकमात्र स्थान अपने नाम कर लिया।

चार साल के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की फेलोशिप

साथ में यात्रा, आवास और प्रोजेक्ट के सभी खर्च यूरोपियन यूनियन एवं स्पेन सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे।

समाजसेवी प्रियंका झा ने संजीव की इस उपलब्धि पर कहा

“प्यारे भाई संजीव, आपने अपनी मेहनत और लगन से परिवार, समाज और देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। हम सबकी दुआएँ हमेशा आपके साथ हैं।”

मिथिला के लाल ने कर दिया कमाल,महज़ एक सीट पर मार ली बाज़ी

स्व. योगानंद झा के सपनों को साकार करते हुए संजीव ने यह दिखा दिया कि इच्छाशक्ति, संघर्ष और निरंतर मेहनत की ताकत किसी भी कठिन राह को आसान बना देती है।