चापाकल विवाद में रोड़ेबाज़ी और मारपीट,जिंदा कारतूस मिलने से बढ़ी सनसनी
चापाकल विवाद में रोड़ेबाज़ी और मारपीट,जिंदा कारतूस मिलने से बढ़ी सनसनी
चापाकल विवाद में रोड़ेबाज़ी और मारपीट,जिंदा कारतूस मिलने से बढ़ी सनसनी
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के मिर्ज़ापुर कुँआही गांव में बुधवार को सरकारी चापाकल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गांव के लोगों का आरोप है कि एक कथित भूमाफिया ने सरकारी चापाकल के चारों तरफ अवैध घेराबंदी (बाउंड्री) बना रखी थी। जब ग्रामीणों ने इस मामले पर बैठक की बात कही,तो उसने घेराबंदी के अंदर से ही रोड़े और ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया,जिससे कई लोग घायल हो गए। ग्रामीणों के अनुसार यह अवैध कब्जा सरकारी चापाकल,यानी पूरे गांव के इस्तेमाल के पानी के स्रोत पर किया गया था,इसलिए वे बार-बार घेराबंदी हटाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने बहेड़ी थाना क्षेत्र के धनौली निवासी गंगा यादव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ही चापाकल पर कब्जा किया और हमला करवाया। बताया जा रहा है कि गंगा यादव 15–20 लोगों को साथ लेकर पहुंचे थे और बातचीत के दौरान अचानक हमला कर दिया।
हमले में घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए बहादुरपुर पीएचसी ले जाया गया,जहाँ उनका प्राथमिक उपचार चल रहा है। हमला करने आए लोगों का एक वाहन ग्रामीणों ने गुस्से में क्षतिग्रस्त भी कर दिया। घटना के बाद बाउंड्री के अंदर से भारी मात्रा में ईंटें और पत्थर भी पुलिस को मिले हैं,जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि रोड़ेबाज़ी की गई थी।
इसी दौरान हायाघाट विधानसभा क्षेत्र इंडिया गठबंधन सीपीआईएम समर्थित श्याम भारती भी मौके पर पहुँच गए। उन्होंने बताया कि उन्हें गांव की ओर से फायरिंग की आवाज सुनाई दी थी। जब वे घटनास्थल पर पहुँचे,तो कई ग्रामीण घायल पड़े थे। हालांकि पुलिस ने गोली चलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है,लेकिन जिंदा कारतूस मिलने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद बहादुरपुर थाना पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी गांव में तैनात कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरी सतर्कता से स्थिति पर नजर रख रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल की घेराबंदी हटाने को लेकर सोमवार को बैठक तय थी,लेकिन कथित भूमाफिया उस दिन नहीं आया। बुधवार को जब कुछ ग्रामीणों ने फिर इस मुद्दे पर बात की,तो उसने हमला करवा दिया। ग्रामीणों में काफी रोष है और वे प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।