शिक्षा विभाग में अनियमितता का गंभीर मामला,
2003 और 2005 में राज नदैय पंचायत में शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा सवाल, विभागीय अधिकारी का निर्देश आज तक लंबित

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

ज़िला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, दरभंगा से जारी एक पत्र ने वर्ष 2003 और 2005 में ग्राम पंचायत राज नदैय प्रखंड- गौड़ाबौराम में हुई शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितता के गंभीर आरोप की ओर इशारा किया है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत राज नदैय के निवासी श्री नन्दभूषण सिंह द्वारा ज़िला पदाधिकारी के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ग्राम पंचायत राज नदैय अंतर्गत वर्ष 2003 और 2005 में शिक्षा मित्रों के चयन और नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं हैं।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के समर्थन में जिला शिक्षा अधीक्षक, दरभंगा द्वारा निर्गत पत्रांक 18 दिनांक 20.1.2007 और जिला पदाधिकारी द्वारा निर्गत पत्रांक 1358 दिनांक 22.5.2007 की छायाप्रति भी संलग्न की है, जो अनियमितता की पुष्टि करते हुए प्रतीत होते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा प्रखंड सचिव, ग्राम पंचायत राज नदैय को कड़ा निर्देश जारी किया गया। जिसमें आवेदक श्री सिंह द्वारा समर्पित अभ्यावेदन एवं उपलब्ध कराए गए संलग्न साक्ष्य की जांच प्रति इस पत्र के साथ संलग्न कर भेजते हुए निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत राज नदैय अंतर्गत वर्ष 2003 और 2005 में अवैध रूप से नियुक्त शिक्षकों का नियोजन एक माह के भीतर रद्द करते हुए अधोहस्ताक्षरी को सूचित करने का कष्ट करें। यानी, विभाग ने प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को गंभीर मानते हुए, अवैध नियुक्तियों को 30 दिनों के भीतर रद्द करने का स्पष्ट आदेश दिया था। इस आदेश की प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी/प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, गौड़ाबौराम को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई थी,ताकि इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। लेकिन ग्राम पंचायत राज नदैय के उस समय के पंचायत सचिव ने ऐसे गंभीर मामला को नजरंदाज कर पारदर्शिता और योग्यता आधारित नियुक्ति के सिद्धांतों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।