जेडीयू के विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार नेता चुने गए, बीजेपी के विधानमंडल दल की बैठक में विधायक दल के नेता चुने गये सम्राट चौधरी और उप नेता विजय कुमार सिन्हा। कल होगी मुख्यमंत्री की शपथ, एनडीए के बड़े नेताओं के शामिल होने की तैयारी।
जेडीयू के विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार नेता चुने गए, बीजेपी के विधानमंडल दल की बैठक में विधायक दल के नेता चुने गये सम्राट चौधरी और उप नेता विजय कुमार सिन्हा। कल होगी मुख्यमंत्री की शपथ, एनडीए के बड़े नेताओं के शामिल होने की तैयारी।
जेडीयू के विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार नेता चुने गए, बीजेपी के विधानमंडल दल की बैठक में विधायक दल के नेता चुने गये सम्राट चौधरी और उप नेता विजय कुमार सिन्हा। कल होगी मुख्यमंत्री की शपथ, एनडीए के बड़े नेताओं के शामिल होने की तैयारी।
दस्तक 7मीडिया /पटना
बिहार की नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही हे । जेडीयू की विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया, जिससे यह लगभग साफ हो गया है कि वे ही एनडीए नेतृत्व वाली नई सरकार के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे।दोनों दलों के विधायक दल के बैठक खत्म हो चुकी हे।
उधर, भारतीय जनता पार्टी आज अपने विधानमंडल दल की बैठक में दों डिप्टी सीएम पर मुहर लगा दी,जिसमें विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप नेता विजय कुमार सिन्हा पर मुहर लग गई।डिप्टी सीएम पद पर यही दोनों भाजपा नेता डिप्टी सीएम बनेंगे।बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया हे।
कल हो सकती है शपथ ग्रहण
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20नवंबर को होने की संभावना है। समारोह में एनडीए गठबंधन के कई बड़े राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के प्रमुख नेता शामिल होंगे। राजभवन में तैयारी तेज कर दी गई है और प्रशासन को भी कार्यक्रम के अनुरूप निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
सरकार गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में
जेडीयू द्वारा नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुनने के बाद अब बीजेपी की बैठक के फैसले हो गये हे । बैठक के बाद दोनों दल राज्यपाल को दावा पेश कर सकते हैं। जेडीयू और बीजेपी सहित एनडीए के सहयोगी दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर भी अंतिम दौर की चर्चा चल रही है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद पर शपथ लेंगे।
एनडीए में उत्साह, विपक्ष में चिंता
लगातार राजनीतिक गतिविधियों के बीच एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल है, जबकि विपक्षी दलों में राजनीतिक बदलाव को लेकर चिंता स्पष्ट दिख रही है। एनडीए के नेताओं का दावा है कि यह सरकार विकास और स्थिरता का नया अध्याय लिखेगी।