भारत के वीर सपूत एवं महान क्रांतिकारी अमर शहीद बटुकेश्वर दत्त के 115वीं जयंती पर दरभंगा के अधिवक्ताओं ने किया नमन ,उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके अवदानों को किया याद।

दस्तक 7मीडिया दरभंगा/विधि संवाददाता

बार एसोसिएशन दरभंगा के वकालतखाना भवन में मंगलवार को वकीलों ने मां भारती के वीर सपूत महान क्रान्तिकारी अमर शहीद बटूकेश्वर दत्त के 115 वीं जयंती पर नमन किया।

वरीय अधिवक्ता जीतेंद्र नारायण झा की अध्यक्षता में आयोजित जयंती कार्यक्रम में वकीलों ने अपने वीर सपूत के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष अर्पित कर उनके अवदानों को याद किया ।मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि भारतीय स्वंतत्रता संग्राम के बटूकेश्वर दत्त एक महा क्रांतिकारी थे।8 अप्रैल 1929 को दिल्ली स्थित सेंट्रल एसेंबली(संसद भवन) में भगत सिंह के साथ बम बिस्फोट कर ब्रिटिश हुकूमत की नींद उड़ा दी थी।इस अपराध के लिए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाकर लाहौर के फोर्ट जेल में डाल दिया गया।भगत सिंह और बटूकेश्वर दत्त के विरुद्ध लाहौर षडयंत्र केश चला जिसमें तीन क्रान्तिकारियों को फांसी, तथा स्वर्गीय दत्त को कालापानी की सजा दी गई।।जहां उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए इन्हें सेंट्रल जेल बांकीपुर में भेजा गया।1963 में इन्हें बिहार विधान परिषद का सदस्य बनाया गया।मौके पर अधिवक्ता रमणजी चौधरी, रामवृक्ष सहनी,कुमार उत्तम,मनोज कुमार, मुरारीलाल केवट,व्रजेश कुमार, अनीता आनंद, सनोज कुमार, मायाशंकर चौधरी,अमरजी झा,अचलेंद्र नाथ झा,विष्णुकांत चौधरी,संतोष कुमार सिन्हा,कुलदीप दिवान, विनय कुमार झा समेत दर्जनों वकीलों ने पुष्प निवेदित कर स्व. दत्त के अवदानों को याद किया।