बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को दो आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई है। इसके बाद से भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। खासकर बिहार के किशनगंज जिले में स्थित भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। सीमावर्ती गांवों में भी गश्ती तेज कर दी गई है।

आईबी और सुरक्षा एजेंसियों का हाई अलर्ट

खुफिया ब्यूरो (IB) ने रिपोर्ट जारी कर बताया, किसी भी संभावित घुसपैठ, अवैध पलायन या कट्टरपंथी गतिविधि को रोकने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। किशनगंज शहर में आर्मी कैंप भी बना दिया गया है, ताकि अगर मामला बढ़ता है तो समय रहते आर्मी की टीम मौके पर पहुंच सके।

आर्मी और BSF की संयुक्त पेट्रोलिंग

किशनगंज के ठाकुरगंज, दिघलबैंक, डकाडीह और पोठिया बॉर्डर प्वाइंट्स पर आर्मी के साथ BSF ने संयुक्त फ्लैग मार्च शुरू किया है। रात में भी थर्मल स्कैनर और हाई-रेंज नाइट विजन कैमरों से मॉनिटरिंग हो रही है।

इस पार किशनगंज-नदी के उस पार बांग्लादेश।
स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट

किशनगंज डीएम और एसपी ने बॉर्डर थानों को निर्देश दिया है कि सीमा पार से आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जांच की जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो। पुलिस ने गांवों में लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।

क्यों बढ़ी टेंशन?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारी हिंसा, सत्ता के दुरुपयोग और मानवाधिकार हनन से जुड़े मामलों में कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को मौत की सजा सुनाई है। फैसले के बाद बांग्लादेश में सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में भारतीय सीमा प्रदेशों में सुरक्षा बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है।

किशनगंज बॉर्डर की संवेदनशीलता

किशनगंज में 36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जहां कई जगह नदी आधारित खुला बॉर्डर है। पिछले सालों में कई बार नकली करेंसी, हथियार और तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। एजेंसियों को आशंका है कि अस्थिर हालात का फायदा उठाकर अवैध तत्व घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं।

अगले 72 घंटे सबसे अहम

एक वरिष्ठ BSF अधिकारी ने बताया, अभी से सुरक्षा की लेयर बढ़ा दी गई है। सीमा चौकियों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। किसी भी संदिग्ध मूवमेंट पर तुरंत कार्रवाई होगी। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि बांग्लादेश में फैसले के विरोध की तीव्रता बढ़ सकती है। इसलिए आने वाले 72 घंटे तक खास निगरानी रखी जाएगी।