रोहिणी आचार्य विवाद पर JDU विधायक कोमल सिंह का बयान, कहा- महिलाएं कोमल जरूर पर कमजोर नहीं
रोहिणी आचार्य विवाद पर JDU विधायक कोमल सिंह का बयान, कहा- महिलाएं कोमल जरूर पर कमजोर नहीं
रोहिणी आचार्य विवाद पर JDU विधायक कोमल सिंह का बयान, कहा- महिलाएं कोमल जरूर पर कमजोर नहीं
दस्तक 7मीडिया ,दीपक कुमार। गायघाट
रोहिणी आचार्य की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है. जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने कहा कि किसी भी महिला का अपमान अस्वीकार्य है और बेटा-बेटी दोनों को समान सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने एनडीए सरकार को महिला सशक्तिकरण का वाहक बताया. वहीं, रोहिणी ने पिता को किडनी देने के बाद हुए तिरस्कार का दर्द भी सार्वजनिक कर दिया है.
रोहिणी आचार्य विवाद पर जेडीयू विधायक कोमल सिंह का तंज
रोहिणी आचार्य विवाद पर जेडीयू विधायक कोमल सिंह का तंज
बिहार की सियासत में रोहिणी आचार्य विवाद लगातार चर्चा में है. इस मुद्दे पर एनडीए के नेता राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर लगातार बयान दे रहे हैं. गायघाट से जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने इस प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं को कमतर समझने की मानसिकता गलत है. उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वभाव से कोमल होती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कमजोर हैं.
महिला सशक्तिकरण पर एनडीए की उपलब्धियों का दावा
कोमल सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बिहार में बेटियों को आज अधिक अधिकार और अवसर मिले हैं. उनके अनुसार, महिलाओं के लिए रोजगार, सुरक्षा और घर से बाहर निकलकर आगे बढ़ने का माहौल एनडीए सरकार की वजह से बना है. उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है और सरकार की नीतियों ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है.
महिला सशक्तिकरण पर एनडीए की उपलब्धियों का दावा
कोमल सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बिहार में बेटियों को आज अधिक अधिकार और अवसर मिले हैं. उनके अनुसार, महिलाओं के लिए रोजगार, सुरक्षा और घर से बाहर निकलकर आगे बढ़ने का माहौल एनडीए सरकार की वजह से बना है. उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है और सरकार की नीतियों ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है.
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए खुलासों को लेकर कोमल सिंह ने कहा कि किसी भी महिला का अपमान नहीं होना चाहिए. उन्होंने याद किया कि चुनाव लड़ते समय उन्हें भी कई तरह के कटाक्ष झेलने पड़े थे. उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी दोनों को समान सम्मान मिलना चाहिए और बिहार की जनता बेटियों का सम्मान करना जानती है. उन्होंने कहा कि रोहिणी की जीत इस बात का प्रमाण है कि राज्य की जनता बेटियों पर भरोसा करती है.