सोने के अंडे देने वाले मुर्गी बना हजारी चौक के पास जमा नाले का गंदा पानी। पानी निकासी के नाम पर सिर्फ खूब बन रहे बिल।
सोने के अंडे देने वाले मुर्गी बना हजारी चौक के पास जमा नाले का गंदा पानी। पानी निकासी के नाम पर सिर्फ खूब बन रहे बिल।
सोने के अंडे देने वाले मुर्गी बना हजारी चौक के पास जमा नाले का गंदा पानी। पानी निकासी के नाम पर सिर्फ खूब बन रहे बिल।
दस्तक 7 मीडिया, प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान।
कुशेश्वरस्थान पूर्वी नगर पंचायत में बरसात का समय खत्म हो गया लेकिन सड़कों पर जल जमाव जैसी स्थिति बनी हुई है। इस जल जमाव को देख लोगो के जुबान से एक ही बात निकलती है की स्थानीय बाजार में बाढ़ तो खत्म हो गया लेकिन नगर पंचायत पुरानी यादों को ताजा कर रही है। इस जल जमाव का मुख्य कारण है नाले के पानी का निकास नहीं होना। मामला कुशेश्वरस्थान मार्केट के हाजारी चौक के पास का है, यहां वर्षों से नाले का पानी जमा रहता है और जब नगर पंचायत की नींद खुलती है तो पंपसेट चलाकर गंदे बदबूदार पानी को निकालता है और नींद ना खुले तो नाले का पानी यहीं जमा रहता है। बता दें कि लगभग दो फीट पानी लगा हुआ है जिससे कुशेश्वरस्थान बाजार एवं प्रखंड मुख्यालय आने जाने वाले सभी श्रद्धालु एवं यात्रियों को गंदे पानी में होकर आना जाना पड़ता है। इस तरह हजारी चौक के पास लगातार नाले का पानी जमा रहता है इसके कारण महामारी की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
समाजसेवी प्रशांत कुमार बताते है कि हजारी चौक के पास वर्षों से पानी जमा रहता है। यह नगर पंचायत प्रशासन के लिए सोने की अंडा देने वाला मुर्गी बन गया है। यहां हमेशा एक पंपसेट लगा ही रहता है और बिल बनता रहता है लेकिन इस समस्या का स्थाई समाधान अब तक नहीं निकाला गया बल्कि वहां और गड्ढा खोदकर नगर पंचायत पानी जमा करते आ रहा है।
वहीं ग्रामीण बबलू शाह, अखिलेश कुमार, कन्हैया कुमार, सहित कई लोगों ने बताया कि कई महीनो से यहां जल जमाव की समस्या बनी रहती है लेकिन नगर पंचायत इस पर कुछ काम नहीं कर रहा है यहां कई लोग हादसे का भी शिकार हो गए हैं और पानी में गड्ढा नहीं दिखाने के कारण कई लोग गिर भी गए हैं और चोटिल हो गए। इस पर प्रशासन को जल्द से जल्द नाला का निर्माण करा पानी का निकासी कराना चाहिए।
जल जमाव के संबंध में नगर पंचायत कुशेश्वरस्थान पूर्वी के कार्यपालक पदाधिकारी गोपाल कुमार ने बताया कि जल्दी पानी की निकासी कर दी जायेगी और नाला निर्माण को लेकर विभाग में फाइल भेजा गया है जैसे ही स्वीकृति मिलती है नाला का निर्माण किया जाएगा।