जिले की सातों विधानसभा सीटों पर मतदान खत्म होते ही अब सबकी निगाहें वज्रगृह पर टिक गई है। 79.10% रिकॉर्ड तोड़ मतदान के बाद प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद हो चुकी है।

शहर से लेकर गांव तक हर नुक्कड़, चौक-चौराहे और चाय की दुकानों पर अब सिर्फ एक ही चर्चा है किसे मिला जनता का साथ? दूसरे चरण के मतदान प्रतिशत में अव्वल रहा कटिहार। कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी, बरारी और कोढ़ा सीटों पर हुए भारी मतदान ने सभी दलों की धड़कनें बढ़ा दी है और प्रशासनिक पहल को जनता ने स्वीकार करते हुए अपने मताधिकार का बढ़-चढ़कर प्रयोग किया है।

 

राजनीतिक गलियारों में ‘वोट गणित’ का दौर तेज है। कौन-सा बूथ किसके पक्ष में गया, किस वर्ग ने कितना मतदान किया, यह अब चर्चा का सबसे गर्म विषय है। दलों के कार्यकर्ता बूथवार आंकड़ों के सहारे अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, हालांकि ये सभी दावे अनुमानों पर ही आधारित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमानित गणित के हिसाब से इस बार का उच्च मतदान प्रतिशत मतों के ध्रुवीकरण का संकेत है। कई सीटों पर मुकाबला इतना कांटे का है कि कुछ सौ वोटों का अंतर हार-जीत तय करेगा।

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, इतने अधिक मतदान का अर्थ या तो किसी मजबूत लहर से है या फिर जनता की बदलाव की तीव्र इच्छा से। ऐसे में 14 नवंबर 2025 को जब वज्रगृह के दरवाजे खुलेंगे, तो कई सीटों के नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। कटिहार का यह मतदान दिन जिले की राजनीति के इतिहास में दर्ज हो गया है। जनता ने बटन दबाकर यह तय कर दिया है कि अगले पांच साल कटिहार की कमान किसके हाथों में होगी।

 

बिहार विधानसभा चुनाव के द्वितीय चरण का मतदान संपन्न होने के बाद बरारी विधानसभा क्षेत्र में अब सियासी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

 

गांवों से लेकर चौक-चौराहों तक चाय-पान की दुकानों पर मतदाता हार-जीत के अनुमान लगाने में व्यस्त हैं। हर कोई अपने-अपने हिसाब से परिणाम को लेकर चर्चा कर रहा है। बता दें कि बरारी में इस बार जदयू और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। मतदान के बाद अब आम मतदाताओं में भी उत्सुकता बढ़ गई है। लोग आपस में बैठकर वोटिंग प्रतिशत, प्रत्याशियों की लोकप्रियता और बूथवार समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं।

 

कई लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी राय साझा कर रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार का मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा रहेगा। सभी बूथों पर चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ है, जबकि तितवारी बूथ संख्या-209 पर शाम 7 बजे के बाद भारी विवाद हुआ। लेकिन परिणाम को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता चरम पर है। ज्ञात हो कि सभी की निगाहें अब 14 नवम्बर पर टिकी हुई है। जब मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि बरारी की जनता ने किसे अपना जनप्रतिनिधि चुना है और किसके सिर सजेगा जीत का ताज।