बिरौल अनुमंडल मुख्यालय: जाम और अतिक्रमण से त्रस्त जनता, नगर पंचायत मौन!, पदाधिकारी के विरुद्ध न्यायालय जाने की तैयारी

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल अनुमंडल मुख्यालय का सुपौल बाज़ार वर्षों से जाम और अवैध अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, लेकिन नगर पंचायत बिरौल के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) आम लोगों की इस परेशानी को लगातार नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। इस उदासीनता के कारण बिरौल की व्यस्त सड़कों पर अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।


नगर पंचायत बिरौल के अंतर्गत आने वाले शहीद भगत सिंह स्मारक चौक से लेकर मास्टर चौक तक का मुख्य बाजार मार्ग हमेशा जाम रहता है। स्थानीय निवासियों को प्रतिदिन घंटों इस समस्या से जूझना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी के अलावा स्कूल वाहन में बैठे बच्चों के साथ परेशानी
हो रही है।
जाम की सबसे विकट स्थिति खेड़ा पुल घाट सब्जी मंडी में है। यहाँ के दुकानदारों ने सड़क मार्ग पर ही अपनी दुकानें अवैध रूप से सजा ली हैं, जिससे यह बाज़ार गली संकरी होकर पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती है। यह अतिक्रमण सिर्फ़ फुटपाथ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने सड़क के एक बड़े हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है।
दुकानदारों द्वारा सड़क मार्ग पर सामान रखना।
आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड) का निकलना भी असंभव हो जाता है।
राहगीर, स्कूली बच्चे और दैनिक यात्री सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत के अधिकारी इस गंभीर अतिक्रमण को हटाने के बजाय “कुंभकर्णी नींद” में सो रहे हैं। उनकी अकर्मण्यता और लापरवाही से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की इस घोर लापरवाही और उदासीनता से निराश स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उनके पास पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। जनता का मानना है कि न्यायिक हस्तक्षेप ही उन्हें इस दैनिक नारकीय जाम और अतिक्रमण से मुक्ति दिला सकता है।
लोगों का कहना है कि “हम वर्षों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं। जब नगर पंचायत की ज़िम्मेदारी के क्षेत्र में ही ऐसी अराजकता है, तो हम कहां जाएं? अब हाईकोर्ट ही एकमात्र उम्मीद है।”
अब सवाल है कि — क्या नगर पंचायत बिरौल प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है, या आम जनता की सुविधा के लिए जल्द ही अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाएगा?